गोड्डा: योग मजबूरी नहीं जरुरी है इस संकल्प के साथ योग दिवस पर योगाभ्यास, Video

गोड्डा/ झारखंड: चौथे योग दिवस पर झारखंड में गोड्डा के गांधी मैदान में सुबह से चहल पहल तेज हो चुकी थी। इंतजार उस पल का था जब जीवन को निरोग रखने में कारगर योग की अलग अलग विधाओं के बारे में पतंजली योग ट्रस्ट के योग शिक्षकों की तरफ से इसकी जानकारी दी जानी थी।

इंतजार खत्म हुआ और आसनों का दौर शुरु हुई। शरीर के अलग अलग अंगों को लिए फायदेमंद आसनों के लिए मंच के ऊपर से निर्देश दिये जा रहे थे और सामने बैठा जनसैलाब उस निर्देश पर जीवन को निरोग करने के संकल्प के साथ कदमताल कर रहा था।

योग के चमत्कारिक फायदों की वजह से ही इसे देश के साथ साथ विदेशों में भी अपनाया जा रहा है। गोड्डा के ऐतिहासिक गांधी मैदान में जिले के आला अधिकारियों से लेकर स्कूल में अपना भविष्य संवार रहे बच्चों तक ने ऐसा समां बांधा कि पूरा योगाभ्यास अनुशासन की अलंकृत माला में पिरो दिया गया।

चिकित्सा के क्षेत्र में अहम योगदान दे चुके चिकित्सक भी योग करने गोड्डा के गांधी मैदान पहुंचे। जिनमें गोड्डा की सिविल सर्जन स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारी और दिनभर प्रशासन को चुस्त दुरूस्त बनाए रखने के लिए कोशिश करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों तक ने अपने सुबह की शुरुआत शरीर को स्वस्थ रखने से की।

योग दिवस को कामयाब बनाने के लिए गांधी मैदान में हर उम्र के सैंकड़ों लोग भी योग करने पहुंचे। जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल थे। योग का जोश कुछ इस कदर हावी था लोगों पर कि उन्होंने हर आसन को अपनी तरफ से करने की पुरजोर कोशिश की गई।

योग दिवस पर स्कूली छात्र और छात्राओं ने भी बढ़ चढ़कर योगदान दिया। चौथे योग दिवस पर स्कूली छात्रों ने भी 21 जून की सुबह योग किया। वैसे तो योग हर उम्र के लोगों के लिए जरुरी है। लेकिन बच्चों के लिए ये ज्यादा ही फायदेमंद है। क्योंकि कम उम्र से योगाभ्यास की शुरुआत करने से शरीर हमेशा निरोग रहेगा ये एक पूर्ण सत्य है।

योग की लोकप्रियता ये बताने के लिए काफी है कि इसके रोजाना अभ्यास से पैर के अंगूठे से लेकर मस्तिष्क तक स्वस्थ रहता है। और जहां शरीर स्वस्थ होगा वहां स्वस्थ समाज और स्वस्थ संस्कार का भी संचार होगा। इसी स्वस्थ स्कल्प के साथ इस योगाभ्यास कार्यक्रम का समापन किया गया।

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