विधानसभा चुनाव में महागामा से गोड्डा तक सियासी रंग में रंगे किरदार

गोड्डा/झारखंड:  सियासत के खेल निराले होते हैं। इस खेल को खेलने वाले खिलाड़ी भी बड़ी ही तसल्ली से इस खेल को खेलते भी हैं। झारखंड विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही खेल चल रहा है। खासकर अगर गोड्डा विधानसभा और महागामा विधानसभा की बात करें तो इन दोनों ही विधानसभाओं में इस बात को लेकर जीत हार और पाला बदलने के कयासों का दौर जारी है। दिलचस्प बात ये है कि हर बदलने वाले दिन के साथ इन कयासों में आनेवाले रुझान भी बदलते रहते हैं। शुक्रवार को भी ऐसा ही कुछ हुआ। जब रुझान भी बदले और किरदार भी।

पहले बात महागामा विधानसभा की करते हैं

महागामा विधानसभा में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच होगा इसमें कोई शक नहीं है। कांग्रेस की तरफ से दीपिका पांडे सिंह उम्मीदवार हैं और बीजेपी की तरफ से अशोक भगत उम्मीदवार हैं। हाल के दिनों में इन दोनों उम्मीदवारों के बीच निरंजन पोद्दार ने भी अपनी दावेदारी सामने रखी थी। पार्टी से बगावत कर नामांकन भी किया था। लेकिन किस्मत जरा दगा दे गई और उनका नामांकन रद्द हो गया। नामांकन रद्द होने के बाद निरंजन पोद्दार ने इसे सियासी साजिश करार देते हुए महागामा से मौजूदा बीजेपी विधायक अशोक भगत और राज्य सरकार को जमकर कोसा था।

दरअसल निरंजन पोद्दार कई सालों तक बीजेपी का झंडा उठा चुके हैं। अबकी बार टिकट की आस लगाए बैठे थे। लेकिन पार्टी को भगत जी ही फिर से पसंद आ गए। मजबूरन निरंजन पोद्दार ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया। लेकिन नामांकन रद्द होने के बाद इस मंसूबे पर पानी फिर गया। लेकिन दिल में एक टीस रह गई।

अपनी उसी टीस की मरहम पट्टी करने के लिए अब निरंजन पोद्दार कांग्रेस के खेमे से जा मिले हैं। जो तस्वीर सामने आई है उससे साफ हो चुका है कि अब निरंजन पोद्दार कांग्रेस उम्मीदवार दीपिका पांडे के साथ हैं। चुनाव से ठीक पहले हुए इस बदलाव ने बीजेपी के भगत जी की पेशानी पर जरुर बल ला दिया है।

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