गोड्डा: युक्तिकरण प्रक्रिया के खिलाफ शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन, पढ़िये पूरी खबर

गोड्डा/झारखंड:  युक्तिकरण की प्रक्रिया के तहत शिक्षकों के स्थानांतरण की खबर जब से सामने आई है शिक्षा जगत के गुरु सरकार से नाराज हो गए हैं। अपनी मांग को लेकर शिक्षकों ने बारिश के बीच गुरुवार को डीआरडीए के सामने प्रदर्शन किया। शिक्षकों का आरोप है कि जिस युक्तिकरण के तहत उनका स्थानांतरण किया जा रहा है वो तर्कसंगत नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार के निर्देश के मुताबिक पीटीआर नहीं तैयार किया जा रहा है।

युक्तिकरण के तहत शहरी और सुदूर इलाकों में स्थित स्कूलों के लिए शिक्षक और छात्र का अनुपात तय किया गया है। नियम के मुताबिक शहरी क्षेत्र में 40 छात्र पर एक शिक्षक और सुदूर क्षेत्र में स्थित स्कूलों के लिए 69 छात्र पर एक शिक्षक का अनुपात तय किया गया है। शिक्षकों का कहना है कि शहरी और सुदूर क्षेत्र के इलाकों में अनुपात तय करने में इतना फर्क किस आधार पर किया गया।

प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का ये भी आरोप है कि महिला शिक्षकों का स्थानांतरण दूसरे प्रखंड में किया जा रहा है। जिसकी वजह से उन्हें घर से दूर जाना पड़ेगा। जबकि एक महिला पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी होती है। क्या एक महिला शिक्षक अपने घर से 12-15 किलोमीटर सुदूर इलाके में कैसे जा सकती है।

शिक्षकों का कहना है कि सरकार की चिट्ठी में साफ तौर पर कहा गया है कि गृह प्रखंड को पीटीआर में जोड़ा जाए। लेकिन जिले में जो पीटीआर तैयार किया गया है उसमें ऐसा नहीं किया गया है। साथ ही सरकारी शिक्षक और पारा शिक्षक को सम्मिलित कर शिक्षक-छात्र अनुपात तैयार किया जाए। लेकिन जिला में जो पीटीआर तैयार किया गया है उसमें इन बातों का ध्यान नहीं रखा गया।

शिक्षकों ने कहा कि सरकार की चिट्ठी एनेक्सर वन में जो वर्णित 13 प्वाइंट है इस आधार पर अगर युक्तिकरण किया जाता है तो हम जाने के लिए तैयार हैं। लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है। इस हालत में हम किसी सूरत में काउंसिलिंग नहीं होने देंगे।

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