गोड्डा: सरकार की वित्त रहित शिक्षा नीति के खिलाफ संयुक्त संघर्ष मोर्चा का धरना

गोड्डा/झारखंड:  जिला मुख्यालय स्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय परिसर में वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा की गोड्डा इकाई द्वारा एक दिवसीय धरना दिया गया । धरना में मुख्य रूप से वित्त रहित शिक्षा नीति के लंबित मांगों की पूर्ति के संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया ।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा की तरफ से प्रमुख मांगों में वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, माध्यमिक शिक्षा के प्रधान सचिव ए पी सिंह को अविलंब हटाने , सत्र 2017- 18 का अनुदान नियमावली 2004 एवं 2015 के अनुसार पूर्व की भांति देने, 2017 18 में छूटे हुए विद्यालयों  और महाविद्यालयों को अनुदान देने , संस्कृत विद्यालयों मदरसों को अनुदान वितरण, इंटर कॉलेजों में बी एड की अनिवार्यता समाप्त करने, 60 से अधिक सांसदों  विधायकों के द्वारा अनुशंसित पत्रों पर विचार करने विद्यालय महाविद्यालयों का अधिग्रहण करने की मांग  शामिल हैं।
इस संबंध में वक्ताओं ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड सरकार शिक्षा को सौ साल पीछे ले जा रहे हैं । शिक्षा व्यवस्था को समाप्त करने पर लगे हुए हैं । एक तरफ प्राथमिक विद्यालय ही बंद नहीं हो रहा है बल्कि इंटर कॉलेजों और हाई स्कूलों को बंद करने की साजिश रची जा रही है । ऐसे में सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि यह सरकार मानसिक रूप से दिवालिया घोषित हो चुका है सिर्फ इंतजार है तो चुनाव का ।
चुनाव के बाद यह सरकार कहीं दूर दूर तक देखने को नहीं मिलेगा ।यह सरकार ना तो विधायक और ना ही सांसदों की बातों को सुनता है। सांसद और विधायकों ने लिख कर दिया बावजूद इसका यह सरकार हठधर्मिता  कर रही है। मुख्य वक्ताओं में प्राचार्य सूरज मंडल इंटर महाविद्यालय प्रेमनन्दन कुमार ,अध्यक्ष सुनील कुमार मिश्रा ,ध्रुव नारायण सिंह सहित दर्जनों प्राध्यापकों ने संबोधित कर वर्तमान सरकार को आड़े हाथों लिया।
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