गोड्डा: लंबे इंतजार के बाद खुल रहे हैं शौचालय लेकिन महिलाओं पर ताला बंद

गोड्डा/झारखंड:  स्वच्छ झारखंड और स्वस्थ हवा के लिए सरकार और सिविक एजेंसी की तरफ से अलग अलग स्तर पर काम की जा रही है। लेकिन इस स्वच्छता के परिवेश को कायम रखने में सबसे बड़ी बाधा है शौचालय। खुले में शौच करना कोई नई बात नहीं है। इस परिपाटी को खत्म करने लिए देशभर में शौलालय निर्माण को एक आंदोलन का रूप दिया जा रहा है। खुद पीएम मोदी का भी ये एक ड्रीम प्रोजेक्ट है।

झारखंड के गोड्डा में नगर परिषद की तरफ से शहर में अलग अलग जगहों पर शौचालय का निर्माण करवाया गया। लेकिन महीनों तक उसपर ताला लगा रहा। आखिरकार काफी इंतजार के बाद अब शौचालय से ताले हटाए जा रहे हैं और इसे आम लोगों के उपयोग के लिए खोला जा रहा है।

PWD के पास महिला शौचालय बंद

इस बारे में नगर पंचायत अध्यक्ष अजीत सिंह ने NTI से खास बातचीत में कहा कि शहर में कुल 12 शौचालय लगाए गए हैं। जिनमें से अभी 6 शौचालय को उपयोग हेतु चालू कर दिया गया है। उन्होंन कहा सब्जी मंडी, भागलपुर रोड पर पीडब्लूडी, नगर थाना, शनि मंदिर के पास बने शौचालय को जनता के उपयोग के लिए खोल दिया गया है। जिन जगहों पर इन शौचालयों को तैयार किया गया है वो काफी भीड़ भाड़ वाले जगह हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बहुत जल्द बाकी के शौचालय भी शुरु कर दिये जाएंगे।

PWD के पास बना पुरुष शौचालय, यहां पानी नहीं

इन दावों की पड़ताल करने NTI की टीम तीन जगहों पर बने शौचालयों पर पहुंची जिनके बारे में जानकारी दी गई थी कि वो खुल चुके हैं। लेकिन वहां पर अधूरी शुरुआत नजर आई। जिनमें पुरुष षौचालय तो खुले थे लेकिन महिला शौचालय अभी भी बंद पाया गया। भागलपुर रोड पर पीडब्लूडी और सब्जी मंडी के शौचालय में महिला केबिन पर ताला लटका पाया गया। केवल शनि मंदिर के पास स्थित शौचालय में महिला-पुरुष दोनों के लिए सुविधा उपलब्ध थी।

सब्जी मंडी के पास बना शौचालय

दरअसल शहर में शौचालय की समस्या एक बड़ी समस्या है, खासकर महिलाओं के लिए। लेकिन नगर पंचायत की तरफ से जिन शौचालय का निर्माण करवाया गया है उसमें महिला पुरुष दोनों के लिए अलग अलग केबिन बने हैं। इसलिए उम्मीद की जा रही है इससे काफी हद तक महिलाओं की शौचालय की समस्या दूर होगी।

शनि मंदिर के पास बना शौचालय

यहां ये बात भी ध्यान देनेवाली है कि इन शौचालय को साफ रखने की जिम्मेदारी जितनी सिविक एजेंसियों की है उतनी ही इसे उपयोग में लानेवाली जनता की भी। क्योंकि बिना जनभागीदारी के स्वच्छता के लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता। इसलिए शौचालय के इस्तेमाल के बाद उसमें पानी डालना ना भूलें। क्योंकि कुछ जिम्मेदारियां ऐसी भी हैं जिसे आम लोगों को भी निभानी है।

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