गोड्डा: तीन साल पहले हुआ चयन, लेकिन नियुक्ति नहीं होने के खिलाफ धरने पर पोषण सखी

गोड्डा/झारखंड: साल 2016 में 222 पोषण सखी का चयन किया गया। जिनमें से 145 की नियुक्ति हो गई लेकिन बाकी पोषण सखी चयन होने के बाद भी अबतक अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रही हैं। अपनी मांग ऊपर तक पहुंचाने के लिए कई चरण का आंदोलन हो चुका है। लेकिन अबतक कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद मेहरमा में विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर 77 पोषण सखी धरने पर बैठी हैं।

इनका आरोप है कि चयन के बाद जिनकी नियुक्ति हुई उनके साथ विभाग की तरफ से बड़े पैमाने पर लेनदेन की गई। जिन्होंने पैसे दिये उनकी नियुक्ति हो गई। लेकिन जो पैसे की मांग पूरी करने में सक्षम नहीं थी उनकी नियुक्ति लटक गई। जिसके खिलाफ अब इन्होंने धरना का सहारा लिया है।

इन महिलाओं के समर्थन में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव दीपिका पांडे सिंह भी साथ आई हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की तरफ से एक तरफ तो चयन के तीन साल बाद तक इनकी नियुक्ति नहीं की गई। दूसरी तरफ जब ये अपनी मांग को लेकर धरना दे रही हैं तो प्रशासन का कहना है कि धरना की इजाजत नहीं दी गई थी।

दीपिका पांडि सिंह ने कहा कि उपायुक्त गोड्डा को उपायुक्त को 1 अगस्त को ही चिट्ठी लिखकर जानकारी दी जा चुकी थी। उन्होंने का कि प्रशासनिक स्तर पर जो गलती की गई है उसका खामियाजा इन चयनित पोषण सखी महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। क्योंकि मेधा सूची में इनका नाम आ गया था। लेकिन बाद में कहा गया कि किसी में किसी अधिकारी का हस्ताक्षर छूट गया है। अगर ऐसा है तो इसमें इनकी कोई गलती नहीं है ये गलती विभाग के पदाधिकारियों की तरफ से की गई है। तो इसका सजा ये क्यों भुगतें। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द इनका मांग पर गौर किया जाए और सुनवाई की जाए।

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