गोड्डा: पोड़ैयाहाट में उजड़ा आदिवासियों का आशियाना, स्कूल में बसेरा लेकिन कबतक? Video

गोड्डा/झारखंड:  पोड़ैयाहाट के केंदुआ गांव में आदिवासियों का घर तोड़ने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है यहां कई पीढ़ी से रहते आ रहे थे। लेकिन अब सरकार की तरफ से इनके घर को तोड़ दिया गया। सरकार की तरफ से दलील ये दी गई कि जहां आदिवासी रह रहे थे वो गोचर जमीन है। इसलिए उन्हें वहां से हटाया जा रहा है। इस मामले पर पोड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दरअसल रघुवर सरकार आदिवासियों को झारखंड से भगाना चाहती है। केंदुआ में आदिवासियों का घर तोड़ा जाना सरकार की उसी मंशा की परिणति है।

उन्होंने कहा कि जिन 14 लोगों के घरों को तोड़ा गया है वो कई पुश्तों से वहां रहते आए थे। लेकिन आज बगैर किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। प्रदीप यादव ने कहा जिन 14 परिवारों के घरों को उजाड़ा गया है उनमें से एक परिवार ऐसा भी है जो पूरी तरहे से दिव्यांग है। वो आंखों से देख नहीं सकता, उसकी एक छोटी सी झोंपड़ी थी उसे भी तोड़ दिया गया।

केंदुआ में आदिवासियों के टूटे घर

जिस तरह से आदिवासियों के घरों को उजाड़ा गया है और जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है, उसके बाद एक बात साफ हो गई है कि आनेवाले दिनों में ये मुद्दा गरमाने वाला है। प्रदीप यादव ने कहा कि 25 सितंबर को इसे लेकर जिला प्रशासन के सामने अपनी बात रखेंगे और प्रशासन के सामने उनकी मांगों पर विचार करने के लिए 2 अक्टूबर तक का समय रहेगा।

लेकिन अगर 2 अक्टूबर तक आदिवासियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती है तो फिर 3 अक्टूबर उसी केंदुआ गांव में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरु किया जाएगा।

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