गोड्डा: 5 महीने में ही मिट्टी में मिल गई ढाई लाख में तैयार नाली

गोड्डा/झारखंड:  मेहरमा प्रखंड के बलबड्डा थाना  क्षेत्र अंतर्गत छोटी घनकुडिया गांव में 14वें वित्त आयोग से नाली निर्माण का कार्य किया गया था।  नाली के बने हुए 6 महीना भी नहीं हुआ, नाली गिर गया। इतने  कम वक्त में नाली का ध्वस्त हो जाना ये बताने के लिए काफी है कि इसमें बेहद ही घटिया दर्जे के सामान का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन किसी की नजर इस घटिया निर्माण कार्य पर नहीं पड़ी।

नाली निर्माण का कार्य 249900 रुपए की लागत से किया गया था। नाली में ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री लगाने का मामला प्रकाश में आया है। नाले का निर्माण करते समय ग्रामीण ठेकेदार ने इस पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया है। ग्रामीण ठेकेदार द्वारा बनाई गई नाली में  कहीं भी ऐसी जगह नहीं होगी जहां पर नाली समतल रूप में हो।

नाली के निर्माण वाली जगह पर जो शिलापट्ट लगाया गया है उसमें निर्माण कार्य के पूरा होने की तिथि फरवरी 2018 है। अब सोचने वाली बात ये है कि अगर फरवरी में नाली बनकर तैयार हुई तो फिर महज पांच महीने में नाली कैसे टूट गई। इसे इस तरह से भी कह सकते हैं कि घटिया सामग्री के इस्तेमाल की वजह से एक बरसात भी नहीं चल सकी ढाई लाख की लागत से तैयार नाली।

ठेकेदार द्वारा नाली को बनाते समय 4 ग्रेड  ईट का इस्तेमाल किया गया है। विभाग के और से किसी की नजर नहीं पड़ी सबसे बड़ा सवाल है। काम  की गुणवत्ता को नहीं देखा जा रहा था बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही थी जिसको विभाग के किसी भी नुमाइंदे द्वारा कभी भी नहीं देखा जाता था। इसी का नतीजा है कि संवेदक आनन फानन में घटिया निर्माण कर पैसे की निकासी कर लेते हैं। जिसका नतीजा ये होता है कि कुछ ही दिनों में लाखों की लागत से किया गया निर्माण कार्य बर्बाद हो जाता है। विभाग का कोई भी अधिकारी निर्माणाधीन स्थल पर नहीं पहुंचता है जिस कारण संवेदक घटिया निर्माण करते हैं।

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