पवनी रिटर्न: गोड्डा से ग्वालियर तक की तीन महीने की कहानी तीन मिनट में जानिये

गोड्डा/झारखंड:  मार्च के महीने में ये बात सामने आई कि गोड्डा के श्रीमतपुर से पवनी देवी लापता हो गई है। खोजबीन के प्रयास शुरु किये गए। पवनी की फिक्र करनेवालों को इस बात का अंदेशा था कि पवनी कहीं आसपास ही होगी, यही कोई 100-200 किलोमीटर के दायरे में और जल्द ही उसके बारे में जानकारी मिल जाएगी। रिश्तेदारों से लेकर हर जान-पहचान वालों से पवनी के बारे में जानकारी जुटा रहे थे परिवारवाले लेकिन अबतक पवनी का कुछ पता नहीं चला था।

मार्च के महीने में एक स्थानीय न्यूज पोर्टल पर पवनी के बारे में खबर प्रकाशित हुई। लेकिन उसके बाद बात आईगई हो गई। इसी दौरान गोड्डा जिला कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रभारी अभिनव के फेसबुक मैसेंजर पर ग्वालियर से एक संदेश आया। जिसमें पवनी देवी के बारे में जानकारी दी गई थी। उस संदेश को ग्वालियर में ‘अपना घर’ के संचालक मनीष श्याम पांडे ने भेजा था।

जिसमें कहा गया था कि गोड्डा की पवनी उनकी संस्था में है। जिसे उसके घर तक पहुंचाने के लिए वो पहल करें। जिसके बाद पवनी को उसके परिवार से मिलवाने की कवायद शुरु की गई। newstrendindia से बातचीत में जिला कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रभारी अभिनव में बताया कि इसके बाद उन्होंने महागामा में संबंधित अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी। इसे लेकर एसडीओ संजय पांडे, एसडीपीओ राजा मित्रा और जिला कल्याण विभाग के रितेश के बीच कागजी कार्रवाई की एक कड़ी बनकर काम किया गया।

पवनी को घर लाने के लिए कुछ चंदा भी जुटाया गया ताकि जल्द से जल्द उसे उसके परिवार से मिलवाया जा सके। लेकिन सारी सरकारी प्रक्रियाओं और अधिकारियों को पवनी के नाम से अवगत कराने में मार्च से जून हो गया। अबतक सभी ये जान चुके थे कि पवनी देवी ग्वालियर में है लेकिन फिर भी परिवार और पवनी के बीच हजार किलोमीटर से ज्यादा का फासला था।

आखिरकार अलग-अलग विभागों के बीच के फासले को तय करते हुए अभिनव ने अलग-अलग अधिकारियों से सामंजस्य बनाते हुए पवनी के घर वापसी का रास्ता साफ किया। जिसके बाद जून के दूसरे हफ्ते में पवनी ग्वालियर से अपने गांव गोड्डा के श्रीमतपुर पहुंची।

कैसे हुई थी लापता?

पवनी देवी अपनी दो बेटियों के साथ गंगा स्नान करने कहलगांव गई थी। लेकिन रेलवे स्टेशन पर वो गलती से किसी दूसरी ट्रेन में सवार हो गई। जिसके बाद वो पश्चिम बंगाल पहुंच गई। वहां से किसी मध्य प्रदेश जाने वाले ट्रेन में चढ़ा दिया। जिसके बाद पवनी मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंच गई। किस्मत अच्छी थी पवनी किसी गलत हाथ में पहुंचने से पहले ग्वालियर में ‘अपना घर’ के संचालक मनीष पांडे से पवनी की मुलाकात हो गई और तब से वो उन्हीं के संस्था में रह रही थी।

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