गोड्डा से दिल्ली तक चरणामृत की चर्चा, सांसद की सफाई के बाद भी विवाद जारी, Video

गोड्डा/झारखंड:  कझिया नदी पर कनभारा तक पुल के शिलान्यास की जितनी चर्चा नहीं हुई उससे ज्यादा चर्चा इस कार्यक्रम में ‘चरणामृत’ की हो रही है। दरअसल इस कार्यक्रम में एक बीजेपी कार्यकर्ता पवन साह ने सांसद निशिकांत दूबे के पैर पखारकर उस पानी को ‘चरणामृत’ समझकर पी गया। खुद सासंद निशिकांत दूबे ने इसकी तस्वीर फेसबुक पर अपने आईडी पर अपलोड कर दी।

जिसके बाद इस तस्वीर और वीडियो की चर्चा हर तरफ होने लगी। जिस पवन साह को कम ही लोग जानते थे उसे गोड्डा से दिल्ली तक के लोग जानने और पहचानने लगे। विरोधियों के लिए एक बड़ा मुद्दा था। विरोधियों की तरफ से ये कहा गया कि ये बीजेपी की पहचान है। कांग्रेस, आरजेडी, बीएसपी, जेवीएम सभी पार्टी के नेता एक कतार में खड़े होकर बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे पर हमलावर थे।

चारों तरफ से हो रहे इस हमले के बाद सांसद निशिकांत दूबे में सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले पर अपनी सफाई पेश की। इस प्रेस कांफ्रेंस में ‘चरणामृत’ पीने वाले पवन साह भी मौजूद थे। सांसद निशिकांत दूबे ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है यही वजह है कि वो गोड्डा की चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस बात की चर्चा हर विपक्षी दल कर रहा है उसमें कुछ भी गलत नहीं है।

बीजेपी कार्यकर्ता पवन साह ने कहा कि उन्होंने बिना किसी दबाव के सांसद निशिकांत दूबे का पैर धोकर पानी पिया। उनका कहना था कि सांसद उनके बड़े भाई के समान हैं और 2009 से ही उन्हें इस पल का इंतजार था। पवन साह ने कहा कि जिस पुल का शिलान्यास आज किया गया है उसके बारे में हमने सांसद महोदय को पहले ही कह दिया था कि जिस दिन इस पुल का शिलान्यास होगा उस दिन मैं आपके पैर धोकर पीयूंगा। और आज हमने अपना वादा पूरा कर दिया।

पवन साह ने कहा कि अगर सांसद मुझे ऐसा नहीं करने देते तो मेरे पास चाकू भी था जिससे मैं उसी वक्त आत्महत्या कर लेता।

लेकिन इस सफाई के बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ है। पोड़ैयाहाट के जीवीएम विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि एक सांसद तकरीबन 15 लाख जनता का प्रतिनिधित्व करता है। और सांसद निशिकांत दूबे ने पैर धुलवाकर और उस पानी को एक कार्यकर्ता को पिलाकर पूरे गोड्डा का अपमान किया है।

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