गोड्डा नगर परिषद चुनाव: बीजेपी की ‘HUG पॉलिटिक्स’ में उलझ ना जाए कांग्रेस!

गोड्डा/झारखंड:  गोड्डा नगर परिषद चुनाव में इसबार मुद्दा भी अलग है और माहौल भी। सबसे बड़ी बात ये है कि पहली बार नगर परिषद चुनाव पार्टी के सिंबल पर लड़ा जा रहा है। हलांकि अब ये साफ हो चुका है कि किस राजनीतिक पार्टी से कौन से उम्मीदवार अपनी किस्मत किस पार्टी से अपना रहे हैं। गोड्डा समाहरणालय में गुरुवार का दिन गहमागहमी में बीता। बीजेपी से लेकर कांग्रेस और जेएमएम से लेकर निर्दलीय उम्मीदवारों तक ने अपना नामांकन दाखिल किया।

इसी दौरान गोड्डा समाहरणालय में कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद इस तरह के सियासी सरगर्मी वाले माहौल में कम ही की जाती है। ये अदभुत नजारा तब सामने आया जब बीजेपी उम्मीदवार अजीत सिंह अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर समाहरणालय की सीढ़ियां उतर रहे थे और कांग्रेस की तरफ से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार ध्यान झा अपने दल बल के साथ नामांकन दाखिल करने समाहरणालय की सीढ़ियां चढ़ रहे थे।

इसी दौरान दो सियासी विरोधी एक दूसरे के गले मिल गए। हलांकि वहां मौजूद लोग बताते हैं कि इस भरत मिलात की पहल बीजेपी उम्मीदवार अजीत सिंह की तरफ से की गई थी। अजीत सिंह अपने खेमे को छोड़कर कांग्रेसी खेमे में पहुंच गए और कांग्रेस के उम्मीदवार ध्यान झा को गर्मजोशी के साथ गले लगा लिया।

चुकी इस भरत मिलाप के वक्त बीजेपी उम्मीदवार अजीत सिंह कांग्रेसी खेमे में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से घिरे थे इसलिए सियासी विरोधियों के इस मिलन के तुरंत बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने विक्ट्री का साइन दिखा दिया। अब कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की तरफ से जीत का निशान दिखाने का मतलब क्या था ये तो कांग्रेसी नेता ही बता सकते हैं, या फिर बीजेपी उम्मीदवार अजीत सिंह। जिन्होंने सियासी रणभूमि में उतरने की शुरुआत ‘हग पॉलिटिक्स’ से की है।

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