गोड्डा: PCR वैन के कोतवाल पर रिश्वत का आरोप, थाने में MLA अमित मंडल से हुआ सामना

गोड्डा/झारखंड:  ट्रैफिक व्यवस्था की लचर व्यवस्था से गोड्डावासियों का रोजाना आमना सामना होता है। सड़क पर पुलिस की पीसीआर वैन दिखाई तो देती है लेकिन उसका कोई खास असर ट्रैफिक व्यवस्था के बिगड़े हालात पर नजर नहीं आता है। बाईक सवार से लेकर ऑटो चालक और कार से लेकर बस चालक तक ट्रैफिक नियम को तोड़ते दिख जाते हैं। इसी क्रम में एक बाईक की हल्की टक्कर पुलिस की पीसीआर वैन से हो गई।

जिसके बाद वर्दी का गुरुर जाग उठा। बाईक सवार युवक का आरोप है कि उससे पीसीआर में सवार झारखंड पुलिस के कोतवाल ने 10 हजार रुपये मांगे। उस युवक की बाईक भी जब्त कर ली गई। बात यहीं पर खत्म नहीं हुई। आरोप के मुताबिक काफी देर तक चक्कर कटवाने के बाद सौदेबाजी शुरु हुई। लेकिन जब पुलिस वाले नहीं माने तो युवक ने गोड्डा के विधायक अमित मंडल से अपनी शिकायत की।

जिसके बाद विधायक के पीए की तरफ से उस पुलिसकर्मी से संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद शनिवार देर शाम विधायक अमित मंडल नगर थाना पहुंचे। जहां इस पूरे घटनाक्रम पर एक नई पटकथा लिखी गई। विधायक अमित मंडल ने आरोपी पुलिसकर्मी से पूछा क्या नियम केवल आम जनता के लिए है?

अगर लड़के की बाईक पीसीआर वैन से टकरा गई तो ये उसकी गलती हो सकती है लेकिन आपको उससे रिश्वत मांगने का अधिकार किसने दे दिया? अगर उस लड़के के पास बाईक का रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस या ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो आप उसपर कार्रवाई कीजिये। लेकिन पहले आप अपनी पीसीआई वैन के कागजात दिखाइये। जो ड्राइवर पीसीआर वैन चला रहा था वो अपना ड्राइविंग लाइसेंस दिखाए।

विधायक ने जब पीसीआर से ड्राइवर से ड्राइविंग लाइसेंस और पीसीआर के कागजात मांगे तो उसका कहना था कि उसने कागजात बैरक में रखे हैं। इसपर विधायक ने कहा क्या कागज बैरक में या घर में रखने के लिए होते हैं या फिर उसे गाड़ी में होना चाहिए। कानून रखवाले आज अपनी नजरों में ही गुनहगार बन चुके थे। विधायक के इस सवाल का उनके पास कोई जवाब नहीं था।

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