गोड्डा: SC/ST एक्ट में संशोधन के खिलाफ एकजुट हुए युवा, 16 सितंबर को होगा धरना

गोड्डा/झारखंड:  सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एससी-एसटी एक्ट पर दिये  फैसले को केंद्र सरकार ने पलट दिया। केंद्र सरकार ने पुराने एससी-एसटी एक्ट को दोबारा बहाल करते हुए ये कह दिया कि शिकायत के फौरन बाद गिरफ्तारी होगी। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि पहले जांच होगी उसके बाद जरुरत होने पर गिरफ्तारी होगी। केंद्र सरकार के इस तुगलकी अध्यादेश के खिलाफ गोड्डा के युवाओं ने संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है।

रविवार को स्थानीय विद्यापति भवन में समाज सेवी सौरभ पराशर के आह्वाहन पर बैठक की गई। जिसमें युवाओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को वोट नहीं देकर नोटा का बटन दबाया जाएगा। काले कानून के विरोध में बीसी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय से आगे आकर आंदोलन को समर्थन देते हुए आगामी 16 सितम्बर को रविवार के दिन अधिक से अधिक संख्या ने शहीद स्तम्भ परिसर में प्रस्तावित एक दिवसीय धरना कार्यक्रम में शामिल होने का निवेदन किया गया।

श्री परासर उर्फ बच्चू झा ने बताया कि चरणबद्ध आंदोलन के तहत धरना के पश्चात, एक दिवसीय भूख हड़ताल के बाद शहर में मौन जुलूस निकाला जाएगा और अगर सरकार ने अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो श्री पराशर दिल्ली में आमरण अनशन करेंगे।

बैठक में मुख्य रूप से श्री परासर के अलावा नरेंद्र मिश्रा, सर्वजीत झा, सुरजीत झा, पवन झा, माधव चौधरी, अमित सिंह अप्पु, मिथिलेश कुमार, प्रवीण ठाकुर, जतिन भारद्वाज, प्रशांत कुमार झा, नितेश मिश्रा, नर्मदेश्वर झा, ज्ञानेंद्र मिश्रा, सुनील झा, मंगेश मिश्रा, आकाश झा,भानु प्रताप सिंह, राजा सिंह एवं शिवेंद्र झा सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी उपस्थित थे।

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