गोड्डा: महागामा अस्पताल में नवजात की मौत, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

गोड्डा/झारखंड:  रेफरल अस्पताल महागामा में जन्म के बाद एक नवजात की मौत हो गई। जिसके बाद मरीज के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही से जन्म के तुरंत बाद उनके बच्चे की मौत। इस मामले पर अब सियासी रंग भी चढ़ने लगा है। जिला कांग्रेस का कहना है कि अगर इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो शुक्रवार को महागामा के चिकित्सा पदाधिकारी और थाना प्रभारी महागामा का पुतला दहन किया जाएगा।

दरअसल लापरवाही का आरोप अस्पताल के साथ साथ पुलिस पर भी लगाया जा रहा है। पीड़ित नवल किशोर का कहना है कि अस्पताल की लापरवाही की शिकायत लेकर जब थाने पहुंचा तो वहां उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इस मामले में जिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष दीपिका पांडे सिंह ने सिविल सर्जन से लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर को बर्खास्त करने और उचित कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक महागामा के नवल किशोर दास ने अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा के बाद महागामा रेफरल अस्पताल में भर्ती करवाया। उनका आरोप है कि अस्पताल में उनकी पत्नी का सही तरीके से इलाज नहीं किया गया। आरोप है कि सही इलाज के अभाव में ही उनकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया लेकिन जन्म के तुरंत बाद उसकी मौत हो गई।

पीड़ित परिवार का ये भी आरोप है कि अस्पताल में हंगामा होने के डर से बच्चे की मौत के तुरंत बाद उसका डिस्चार्ज स्लिप तैयार कर दिया गया। उनके मुताबिक जिस बच्चे का जन्म हुआ था वो लड़का था जबकि डिस्चार्ज स्लिप में उसे लड़की बताया गया।

अस्पताल की तरफ से जन्म प्रमाण पत्र भी बनाया गया है। जिसमें बच्चे के जन्म की तारीख 21 अगस्त और समय शाम के सात बजे का बताया गया है। इस जन्म प्रमाण पत्र में भी लड़की के जन्म लेने की बात लिखी गई है। इसपर चिकित्सा पदाधिकारी ने 22 अगस्त को हस्ताक्षर किये हैं।

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