गोड्डा: पहले सरकार ने बेघर किया अब मच्छर के खौफ में जी रहे हैं आदिवासी

गोड्डा/झारखंड:  पोड़ैयाहाट के केंदुआ गांव में 14 आदिवासी परिवरों के घर को इसलिए तोड़ दिया गया क्योंकि वो गोचर जमीन पर रह रहे थे। घर से बेघऱ होने के बाद सभी 14 आदिवासी परिवार अस्थाई तौर पर स्कूल में रह रहे हैं। धूप और बारिश की वजह से इन परिवारों के सामने मुसीबत का पहाड़ टूट चुका है। लेकिन अब इनके सामने एक नई चुनौती आ गई है।

केंदुआ में स्कूल में रहे आदिवासी परिवारों को मलेरिया का डर सताने लगा है। मच्छर की वजह से इनलोगों को ये डर सताने लगा है कि कहीं ये मलेरिया जैसी बीमारी की चपेट में ना आ जाएं। अपनी इस परेशानी के बारे में इन्होंने पोड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव को जानकारी दी। जिसके बाद इनके लिए मच्छरदानी का इंतजाम किया गया।

इन परिवारों के सामने आई मच्छरों की इस नई मुसीबत की जानकारी मिलने के बाद सिविल सर्जन से बात की गई। जिसके बाद तत्काल डॉ. सफी आलम की टीम के द्वारा इन सभी 14 परिवारों के बीच स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मच्छरदानी बंटवाया गया।

जिन 14 आदिवासी परिवारों के घर तोड़े गए हैं वो यहां पुश्तों से रह रहे थे। इन परिवारों ने केंदुआ में इस गोचर जमीन पर आजादी से पहले अपना घर बसाया था। लेकिन अब इनके उस घर को प्रशासन की तरफ से तोड़ दिया गया है। ये कहते हुए कि जिस जमीन पर इन्होंने अपना घर बसाया था वो गोचर जमीन है।

Loading...