गोड्डा: महाजाम से 2 घंटे तक रुकी रही शहर की रफ्तार, सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार

गोड्डा/झारखंड:  वैसे तो झारखंड के गोड्डा शहर में इंसानी सुख सुविधा की तमाम चीजें हैं। गाड़ी से लेकर टू व्हीलर तक लोगों के पास हैं। लेकिन उनके चलने के लिए शहर में सड़क की कमी है। मंगलवार शाम के साढ़े चार बजे के बाद से मुख्य मार्ग पर गाड़ियों का तांता कुछ इस तरह से लगा कि शहर की रफ्तार ही थम गई। जाम के हालात का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि सड़क पर खड़ी गाड़ियों की कतार तकरीबन 1 किलोमीटर लंबी हो गई। शाम के साढ़े चार बजे के बाद जो जाम लगने की शुरुआत हुई उसने 6 बजकर 15 मिनट तक विकराल रुप ले लिया। इसके बाद गाड़ियों का परिचानल शुरु तो हुआ लेकिन हालात खबर लिखे जाने तक सामान्य नहीं हुए थे। स्थानीय सिनेमा हॉल चौक से लेकर करगिल चौक तक गाड़ियां जाम में फंसी रहीं। हटिया चौक पर और मुख्य बाजार में मस्जिद चौक के पास तो हालात कुछ ज्यादा ही गंभीर थे।

शाम के वक्त लगे इस जाम में कई लोग फंसे रहे। इस जाम को खत्म करने में प्रशासन की भी सांसें फूल रही थी। सड़क पर बड़ी बस, ऑटो, कार, बाईक, रिक्शा, ठेला जिसे जहां जगह मिली वो वहीं पर थम गए थे। इस हालात से निपटने में प्रशासन पूरी तरह से नाकाम रहा। साप्ताहिक हाट का दिन होने की वजह से जाम के हलात वक्त बीतने के साथ साथ और भी विकराल होता गया।

दो दिन बाद नेमान का पर्व है। इस पर्व का यहां खासा महत्व है। और मंगलवार का हाट इस पर्व से पहले पड़ने वाला आखिरी साप्ताहिक हाट था। जिस वजह से हाट में भी लोगों की काफी भीड़ थी। ये भी एक वजह रही जाम के पीछे। किसी ना किसी काम से बाजार आने वाले लोगों को तो इसक अंदाजा था कि आज जाम की स्थिति बन सकती है। लेकिन प्रशासन इसका अंदाजा लगाने में चूक गया। जिसका नतीजा लोगों को भुगतना पड़ा।

जाम के हालात मंगलवार को ज्यादा गंभीर जरूर थे लेकिन शहर के लिए जाम नया नहीं है। आए दिन यहां जाम लगते रहते हैं। कभी दोपहर में, कभी शाम में तो कभी रात के वक्त। इसकी एक वजह है अतिक्रमण। इस शहर की बदकिस्मती ये है कि यहां एक मुख्य मार्ग है। जिसकी चौड़ाई 20-25 फीट की है। इसी मुख्य मार्ग से होकर हजारों गाड़ियां रोजाना गुजरती हैं। मुख्य सड़क के बगल में जो बाजार है वहां तो हालात और भी गंभीर हैं। दुकानदारों की तरफ से दुकानें सड़क तक पहुंच जाती हैं। ग्राहक आकर्षित हो सकें इसके लिए दुकान का सामान सड़क किनारे तक सजा दिया जाता है। इसी का नतीजा है ये जाम।

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