गोड्डा: शहीद देव कुमार को नम आखों से दी गई अंतिम विदाई

गोड्डा/झारखंड:  26 जून को लातेहार के बूढ़ा पहाड़ी पर नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में जो सात जवान शहीद हुए थे उनमें गोड्डा के देव कुमार भी शामिल थे। देव कुमार के पार्थिव शरीर को आज गोड्डा के महागामा थाना लाया गया था। जहां से उनके पैत्रिक गांव बलिया गांव लाया गया। जहां उन्हें मुखाग्नि दी गई।

जिन रास्तों से देव कुमार अपने कर्तव्य को पूरा करने के लिए अपने गांव बलिया से अपने तैनाती वाली जगह पर गए थे और उसी रास्ते पर वो अंतिम सफर पर निकले थे। शहीद की इस विदाई ने उनके साथ चल रहे सभी लोगों के आंखों को नम कर दिया था और दिल भारी हो चला था। एक एक कदम जो उनकी गांव की तरफ बढ़ रहे थे वो देव कुमार की इस शहादत के सामने नतमस्तक थे।

जिसने देव कुमार के साथ बचपन के दिनों में कई खेल खेले थे आज वो भी अपने जिगरी दोस्त से पूछ रहा था क्यों चले गए तुम इतनी दूर। अभी वक्त ही कितना बीता था। वो साथी और वो परिवार आज पूछ रहा है तुम कब आओगे देव। क्योंकि पिछली बार जाते वक्त तुम कह गए थे मैं अगली बार आउंगा तो इस अधूरा काम को पूरा करूंगा।

आज वो भाई, वो पिता, वो मां और वो पत्नी पूछ रही है तुम तो कह गए थे जैसे जा रहे हो उसी तरह से वापस आओगे। लेकिन ये क्या तुम तो बिल्कुल शांत होकर वापस लौटे हो देव। ना शरीर में कोई हलचल है और ना ही धमनियां तुम्हारे शरीर में बहनेवाले देशभक्ति के खून की प्रवाह की दिशा बता रही हैं।

रो रही हैं दिशाएं, रो रहा है गगन आज बलिया गांव की माटी अपने उस सपूत को कर रही है नमन जो कभी उसके सीने पर लोटपोट हुआ करता था। लेकिन आज देश के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा कर दोबारा लौटकर आया है अपने उस बलिया गांव जहां की माटी के हवाले उसने अपने शरीर को सौंप दिया है।

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