गोड्डा: पति ही निकला पत्नी का कातिल, पढ़िये पूरी इनसाइड स्टोरी

गोड्डा/झारखंड:  गोड्डा के लोहियानगर में पिछली 6 अप्रैल को महिला घर के भीतर मृत पाई गई थी। महिला की हत्या एक साजिश के तहत की गई थी। इस हत्या की योजना कुछ इस तरह से बनाई गई थी कि असली कातिल पर किसी का शक ना हो और पुलिस के लिए स्नेहलता उर्फ स्वीटी देवी की मौत एक मिस्ट्री बनी रहे।

लेकिन अब इस मर्डर से पर्दा उठ चुका है। पुलिस जांच में महिला का पति ही उसका कातिल निकला। पुलिस ने 12 दिनों में इस बेहद ही उलझे हुए केस को सुलझा लिया है। महिला का पति सीआरपीएफ में है और उसका नाम प्रेमचंद शांडिल्य उर्फ संतोष झा है। जो गोड्डा के ही सैदापुर का रहनेवाला है। उसकी शादी बिहार के बांका में हुई थी।

बुधवार को पुलिस ने कातिल को गिरफ्तार करने के साथ ही इस हत्या पर से पर्दा उठाया। सिटी एसपी राजीव रंजन ने जानकारी दी कि महिला का पति जो सीआरपीएफ में कार्यरत है उसने 5 अप्रैल की रात को अपनी पत्नी की निर्मम हत्या कर दी। सिटी एसपी ने बताया कि महिला का पति प्रमचंद शांडिल्य ने पूछताछ में लगातार इस मामले को उलझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद ने ही 5 अप्रैल की रात अपनी पत्नी की हत्या की।

पुलिस के मुताबिक जिस रात स्नेहलता देवी की हत्या हुई उससे दो दिन पहले उसका पति प्रेमचंद राजगीर के लिए घर से निकला था। प्रेमचंद की तैनाती इस वक्त राजगीर में ही थी। लेकिन वो भागलपुर में ही रुक गया और बाद में वहां से वापस आकर उसने इस कत्ल को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक इस हत्या के पीछे अवैध संबंध बड़ी वजह है।

पुलिस की पूछताछ में ये भी सामने आई कि स्नेहलता देवी अपनी मां-पिता की इकलौती बेटी थी। और उसे दहेज लाने के लिए प्रेमचंद अपनी मां और बहन के साथ मिलकर प्रताड़ित भी करता था। उसे कई बार इसके लिए माइके भी भेज चुका था। इस कारण उसकी अपनी पत्नी से दूरी बन गई थी। पत्नी से बनी दूरी की वजह से प्रेमचंद का एक विधवा से अवैध संबंध भी था।

4 अप्रैल को प्रेमचंद अपने घर से ये कहकर राजगीर के लिए निकला की वो ड्यूटी ज्वाइन करने जा रहा है। लेकिन राजगीर ना जाकर वो भागलपुर में ही रुक गया। 5 अप्रैल को उसने अपनी पत्नी से दोपहर के साढ़े तीन बजे बात की उसके बाद उसने शाम के 6 बजे अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया।

5 अप्रैल को रात के वक्त प्रेमचंद भागलपुर से गोड्डा आ गया। और जिस किराये के मकान में वो रहता था उसके बगल में निर्माणाधीन मकान के सहारे वो दूसरे फ्लोर पर बने अपने किराये के मकान में पहुंच गया। उसके बाद उसने आहट कर पत्नी से दरवाजा खुलवाया और कमरे में जाकर उसने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। पत्नी की हत्या करने के बाद प्रेमचंद वापस रात के वक्त ही भागलपुर चला गया।

अगले दिन यानि 6 अप्रैल को सुबह 7 बजे उसने अपनी पत्नी के मोबाइल पर फोन कर अपनी चार साल की बेटी से बात की और फिर अपनी बहन से बात की। उसके बाद कातिल पति ने गोड्डा में सभी को फोन कर ये जानकारी दी कि वो राजगीर में है और गोड्डा वापस आ रहा है। उसके बाद गोड्डा आने के बजाय ये प्रेम चंद ट्रेन से बेगुसराय, दलसिंहसराय और खगड़िया की तरफ चला गया और शाम के वक्त गोड्डा पहुंचा।

दरअसल पत्नी का कातिल पति लोगों को चकमा देने के लिए दिनभर भागलपुर से खगड़िया, दलसिंहसराय और बेगुसराय घूमता रहा। लेकिन पुलिस की सोच और मामले में मिले तकनीकी साक्ष्यों के बाद प्रेमचंद की हर चालाकी धरी रह गई और वो अपनी पत्नी के कत्ल के आरोप में अब सलाखों के पीछे पहुंच गया।

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