गोड्डा: आचार संहिता रहते बीजेपी को समाहरणालय के सामने उपवास की इजाजत कैसे?-दीपिका पांडे

गोड्डा/झारखंड:  12 अप्रैल को देशभर में बीजेपी ने संसद में विपक्ष के रवैये के खिलाफ उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया। इसी सिलसिले में झारखंड के गोड्डा में भी बीजेपी नेताओं ने उपवास रखा। लेकिन विवाद बीजेपी के उपवास स्थल को लेकर हो रहा है। कांग्रेस की जिला अध्यक्ष दीपाका पांडे सिंह ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद चुनाव के लिए जिले में चुनाव आचार संहिता लागू है। इसके बावजूद किस तरह से समाहरणालय के सामने बीजेपी नेताओं को उपवास की इजाजत दी गई?

उन्होंने कहा कि हमें प्रशासन की तरफ से विरोध प्रदर्शन के लिए मेला मैदान जाने के लिए कहा जाता है लेकिन जब सत्ता पक्ष की तरफ से उपवास कार्यक्रम किया जाता है तो उन्हें मुख्य सड़क के बिल्कुल बगल में उपवास की इजाजत दे दी जाती है। दीपिका पांडे ने कहा कि प्रशासन का इस तरह का भेदभावपूर्ण रवैया कहां तक ठीक है?

कांग्रेस की शिकायत अपने प्रस्तावित रोड शो को लेकर भी है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष दीपिका पांडे का आरोप है कि हमने स्थानीय रौतारा चौक से नहर चौक तक रोड शो की इजाजत मांगी थी। लेकिन हमें मुख्य मार्ग पर इस तरह के आयोजन की इजाजत नहीं दी गई। हमसे कहा गया कि मुख्य मार्ग को छोड़कर आप पदयात्रा कर सकते हैं। लेकिन गुरुवार को उपवास से पहले बीजेपी नेताओं ने अपने कार्यालय से लेकर समाहरणालय तक की दूरी मुख्य सड़क से होकर पूरी की।

उन्होंने कहा कि बीजेपी सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। जिसके तहत इस तरह का भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उनका ये भी आरोप है कि जब बीजेपी नेता अपने कार्यालय से समाहरणालय के लिए निकले तब उनके साथ नगर परिषद चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अजीत सिंह और उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार पवन झा भी थे। क्या ये आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है।

गौरतलब है कि गोड्डा में 16 अप्रैल को नगर परिषद चुनाव के लिए वोट डाला जाना है। इसबार के चुनाव में मुकाबले की तस्वीर पहले के मुकाबले अलग दिखाई दे रही है। जिसमें एक तरफ कांग्रेस है जो नगर परिषद की 10 साल की नाकामी को जनता के सामने लेकर जा रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी है जो अपनी नैया पार लगाने के लिए उन कामों का बखान कर रही है जो उसने 10 सालों में किये।

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