गोड्डा में टॉर्च जलाकर ‘संवैधानिक अधिकार’ खोजने निकली कांग्रेस

गोड्डा/झारखंड:  गोड्डा में शुक्रवार की शाम जरा बदली बदली सी थी। बिजली की हालत तो पहले ही खराब है। सरकारी रौशनी में सड़कें  दूधिया रौशनी में नहाई हुई दिखाई दे जाए ये रघुवर सरकार के राज में तो संभव होता हुआ नहीं दिख रहा है। खैर अब बात करते हैं कि आखिर गोड्डा में शुक्रवार की शाम क्यों बदली बदली दिखाई दे रही थी। इस बदलाव का पहला दर्शन मुख्य सड़क के बगल में बने कांग्रेस दफ्तर में हुआ। जहां जिले के कांग्रेसी नेता टॉर्च जलाकर बेसब्री के साथ कुछ ढूंढ रहे थे।

जब ये पूछा गया कि क्या खो गया नेता जी? तो नेताजी की तरफ से जिसमें जिला कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश यादव भी शामिल थे, जवाब आया दलितों का खोया हुआ संवैधानिक अधिकार खोज रहा हूं। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसूचित जाति विभाग के ज़िला अध्यक्ष धर्मेन्द्र पासवान ने की। मुख्य रूप से गोड्डा ज़िला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिनेश यादव उपस्थित थे।

उन्होंने कहा इस सरकार के द्वारा दलितों को मौलिक अधिकार का हनन हो रहा है, संविधान की मूल भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बाबा साहेब की मूर्तियों को क्षति पहुंचाई जा रही है। टॉर्च की रौशनी वाले इस प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा मौजूदा वक्त में जनसमस्याओं की क्या, माननीय राष्ट्पति महोदय को भी मंदिरों में घुसने से रोका जा रहा है। यह सरकार दलितों को माओवादी और मुसलमानों को आतंकवादी बताकर प्रताड़ित कर रही है।

इस कार्यक्रम में ओबीसी ज़िला अध्यक्ष राकेश कुमार, ज़िला प्रवक्ता ध्रुव सिंह, फिरोज अख्तर, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मुन्ना राजा, मो साहजहां, अरुण पासवान, मनोज झा, सुभाष यादव, बागेस्वर पंडित, शंकर राम, मनोज पंडित, तुलशी रविदास, राजकुमार पंडित, अनुज पासवान, श्री राम यादव, ज़िला सोशल मीडिया समन्यवक अभिनव कुमार आदि दर्जनों कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने टॉर्च जलाकर दलितों के संवैधानिक अधिकारों को ढूंढा।

(Visited 20 times, 1 visits today)
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *