गोड्डा: जौहरी की दुकान में चोरी में करीबी पर शक, तीन बड़े सवाल आए सामने, Video

गोड्डा/झारखंड: शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात गुलजारबाग में प्रकाश ज्वैलर्स की दुकान में हुई चोरी की घटना पर पुलिस ने गंभीरता दिखाई है। हलांकि इस मामले में अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। लेकिन अबतक की जांच में ये बात निकलकर सामने आई है कि चोरी की इस वारदात को अंजान देने में किसी करीबी के शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

इस वारदात की मिस्ट्री को सुलझाने के लिए डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई है। खोजी कुत्ते ने मुहल्ले के दो घरों की तरफ इशारा भी किया। जिनमें से एक घर में तो लोग रहते हैं और दूसरी जगह पर एक गोदाम है। लेकिन वहां से कुछ बरामद नहीं हुआ है। दुकान के मालिक जयप्रकाश साह के मुताबिक तकरीबन 20-22 लाख की चोरी हुई है।

मौके पर जो साक्ष्य मिले हैं उसके मुताबिक चोरों ने काफी इत्मीनाम से इस वारदात को अंजाम दिया है। उसे ये असली और नकली का फर्क भी पता था। क्योंकि दुकान में मौजूद कई सामानों को हाथ भी नहीं लगाया गया है। जबकि घर के पीछे की तरफ कई नकली गहनों को फेंक दिया गया है। यानि जिसने भी इस वारदात को अंजाम दिया उसने चोरी के बाद उसकी छंटनी भी मौके पर ही की।

इस केस में कई ऐसी चीजें भी सामने आई हैं जो शनिवार की रात को ही हुई। इस बारे में हम कोई दावा नहीं कर रहे हैं। ये सबकुछ एक इत्तेफाक भी हो सकता है। जैसे दुकान में रखी गई तिजोरी की चाबी चोरी वाली रात दुकान में ही रखी थी। दुकान में लगा सीसीटीवी कैमरा पिछले दो दिनों से खराब पड़ा था। घर के पीछे जिस खिड़की से चोरों के घर में दाखिल होने का अनुमान लगाया जा रहा है उसकी जाली और उसमें लगे रॉड को तो तोड़ा गया है। लेकिन खिड़की में लगे फाटक को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया।

इसे भी पढ़ें

गोड्डा: पथरगामा में बर्ड फ्लू की आशंका, जांच के लिए भेजा गया सैंपल, Video

इन सवालों के जवाब नहीं मिल रहे

पहला सवाल

दुकान के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। अब सवाल उठता है कि चोर अगर अनजान होता तो क्या वो सबसे पहले सीसीटीवी को तोड़ने की कोशिश नहीं करता। अगर वो खराब था तो अनजान चोर को कैसे पता चला कि सीसीटीवी काम नहीं कर रहा है।

दूसरा सवाल ये कि अगर खिड़की की जाली और रॉड को तोड़ा गया तो फिर उसमें लगे फाटक को बिना तोड़े कोई भीतर कैसे घुस सकता है। क्या यहां पर ये मान लिया जाए कि खिड़की में लगे दरवाजे को भी चोरी वाली रात भीतर से बंद नहीं किया गया था।

और तीसरा ये कि जिस जगह पर चोरी की ये घटना हुई है वहां पर आसपास घनी आबादी है। घर के पीछे जहां से चोर के दाखिल होने और सामान की छंटनी की बात सामने आई है वहां पर अगल-बगल कई घर बने हुए हैं जो काफी सटे हुए हैं और उन घरों के दरवाजे बिल्कुल उसी जगह पर खुलते हैं जहां पर नकली गहने फेंके हुए मिले हैं।

Loading...

Leave a Reply