गोड्डा बालिका बालगृह: जिला प्रशासन और अदाणी फाउंडेशन की बड़ी सौगात

गोड्डा/झारखंड:  उपायुक्त किरण कुमारी पासी के हाथों उद्घाटन होने के साथ गोड्डा के कदवाटोला स्थित बालिका बालगृह अब इस्तेमाल के लिए तैयार हो चुका है। बालगृह का भवन जीर्णशीर्ण हालत में था, जिला प्रशासन के दिशानिर्देश पर अदाणी फाउंडेशन ने न सिर्फ जीर्णोद्धार किया। बालगृह में शौचालय निर्माण से लेकर, गार्ड रुम का निर्माण, सुरक्षा के लिहाज से उंची चारदीवारी का निर्माण, पीने के पानी की समुचित व्यवस्था, ऑफिस का निर्माण, स्टोर और किचन का निर्माण, पीसीसी सड़क का निर्माण इत्यादि अदाणी फाउंडेशन की तरफ से कराया गया है।
मानसिक प्रताड़ना झेल चुकी बालिकाओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए इस बालिका गृह में उनके सोने-बैठने के लिए आरामदायक फर्नीचर के अलावा स्कूल की चारदीवारी पर मनभावन पेंटिंग भी बनाया गया है, ताकि रेस्क्यू करके लाई गई बालिकाओं को सकून भरी जिंदगी मिल सके और वो अपने अतीत के जख्मों को भरने में कामयाब हो पाए। इस बाल गृह के निर्माण को जिले की एक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
उपायुक्त किरण कुमारी पासी ने कहा ‘जिले में बालिका बालगृह की आवश्यकता थी। इसके लिए जिला प्रशासन ने एक पुरानी इमारत का चयन किया जिसका जीर्णोद्धार एवं अन्य संरचनाओं का निर्माण अदाणी फाउंडेशन द्वारा कराया गया। यह प्रयास सराहनीय है।’
ग्रामीण विकास केन्द्र नाम के एनजीओ के सेक्रेटरी रौशन मिश्रा जो चाइल्ड लाइन इंडिया फाउंडेशन से जुड़े हैं और कई बार जिले की नाबालिग लड़कियों के रेस्क्यू ऑपरेशन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। रौशन कहते हैं ‘हर साल बड़ी संख्या में दिल्ली और मुंबई से जिले के पहाड़ी इलाकों की रहने वाली लड़कियों को रस्क्यू करके वापस लाया जाता है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या उन्हें शेल्टर होम में रखने की रहती है।’
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेखा सिन्हा का कहना है कि ‘जिले में बालिका बालगृह नहीं होने के चलते पहले रेस्क्यू करके लाई गई नाबालिग लड़कियों को रखने में बेहद मुश्किल का सामना करना पड़ता था। लड़कियों को या तो उनके घर भेजना पड़ता था या फिर कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्य़ालय में रखना पड़ता या फिर उन्हें पास के जिलों में भेजना पड़ता था, जहां बालिका बालगृह की व्यवस्था है।’ रेखा सिन्हा ने जिला प्रशासन और अदाणी फाउंडेशन को धन्यवाद देते हुए इस बालिका बालगृह को जिले के लिए एक बड़ा उपहार बताया।
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