गोड्डा: प्रशासन की तत्परता से रुका बाल विवाह

गोड्डा/झारखंड:  उपायुक्त किरण पासी के निर्देशानुसार मंगलवार रात जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण पदाधिकारी विकास चंद्र ने प्राप्त सूचना के आधार पर भागलपुर की एक नाबालिग लड़की जिसकी शादी गोड्डा मुख्यालय के बगल में स्थित चकेश्वरी गाँव के एक लड़के से तय हुई थी। जिसके लिए बारात बुधवार 01 मई को भागलपुर के लिए प्रस्थान करने वाली थी। संरक्षण पदाधिकारी ने सूचना मिलते ही बिना समय गंवाये विभाग को, जिला एवं प्रखंड प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं सम्बंधित अधिकारियों को सूचना दी और रात में ही कार्रवाई की योजना बनायी। महज 30 मिनट में सारी जानकारी इकठ्ठा कर, सभी सम्बंधित अधिकारियों को सूचित कर, पूरी टीम लड़के पक्ष के घर पर पहुंची।
इस टीम में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी अशोक कुमार चोपड़ा, जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण पदाधिकारी विकास चंद्र, विधि सह परिवीक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार गुप्ता, पुलिस प्रशासन की पेट्रोलिंग पार्टी मौजूद थे।
गांव पहुंचने पर गांव में लगभग सभी घर बंद हो चुके थे और लोग अपने घरों में सो रहे थे, वर पक्ष के घर में कुछ लोग मौजूद थे, घर में मंडप सजा था। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ने लड़के के पिता से वर और वधु के उम्र के विषय में पूछताछ की। लड़के के पिता द्वारा बताया गया कि लड़के की उम्र 24 वर्ष है और वह विवाह योग्य है किंतु लड़की की उम्र पूछे जाने पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई और बालिग़ होने का कोई भी उम्र प्रमाण पत्र नहीं दिया। जब लड़के के पिता ने लड़की के पिता से फ़ोन पे लड़की की उम्र के विषय में पूछा तो उन्होंने कोई सटीक जवाब नहीं दिया और प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में भी असमर्थता दर्शायी।
जो जानकारी मिली थी उसके मुताबिक लड़की की उम्र 15 -16 वर्ष है।
उपरोक्त तथ्यों के आलोक में प्रशासन की टीम ने परिजनों को कहा कि वे प्रमाण पत्र जाँच कर सुनिश्चित कर लें कि लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष हो और लड़के की कम से कम 21 वर्ष, अन्यथा यह बाल विवाह कहलायेगा जो एक कानूनन जूर्म है और उसमें कठोर कारावास के साथ आर्थिक जुर्माना का भी प्रावधान है. यदि दोनों वर और वधू की उम्र, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुकूल निर्धारित उम्र पूरी करती है तो प्रशासन को इस विवाह से कोई आपत्ति नहीं है और उनके द्वारा कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा किन्तु अगर पूरी नहीं होती है और किन्ही के द्वारा उक्त अधिनियम का उल्लंघन किया जाता है तो प्रशासन क़ानून सम्मत कार्रवाई करने पर मजबूर हो जायेगी.
लड़के के पिता ने परिपक्वता और सूझबूझ दिखाते हुए कहा कि वे अपने लड़के की शादी किसी भी नाबालिग से नहीं करेंगे और उन्होंने लिखित बंध पत्र के द्वारा प्रशासन को आश्वासन दिया.
ज्ञात हो कि जिले में बाल विवाह के रोकथाम के लिए उपायुक्त किरण  पासी के निदेशानुसार एक अभियान चलाया जा रहा है जिसमें जिला प्रशासन, जिला बाल संरक्षण इकाई के अलावा अन्य संस्थाएँ भी कार्य कर रही है. आये दिन मामले आते हैं और प्रशासन इसे गंभीरता से लेते हुए इसके रोकथाम के लिए लगातार कार्य कर रही है.
चुनाव कार्य में व्यस्त होने के बावजूद भी प्रशासन और सम्बंधित विभाग एवं पदाधिकारी चारो पहर क्रियाशील है.
उपायुक्त गोड्डा आम लोगों से अपील करती है कि वे अपनी लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष एवं लड़का का उम्र 21 वर्ष पूरे होने के उपरान्त ही विवाह करें अन्यथा भविष्य में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा. बाल विवाह जैसी कुप्रथा को सभी के सामूहिक प्रयास से सकारात्मक तरीके से इसे ख़त्म कर दिया जाएगा.
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