गोड्डा: सुलझ गया अडाणी-माली मौजा जमीन विवाद, 16 बीघा जमीन नहीं लेगी कंपनी, Video

गोड्डा/झारखंड:  माली मौजा की 16 बीघा जमीन का विवाद सुलझ गया है। अडाणी पावर प्रोजेक्ट के लिए इस जमीन का अधिग्रहण किया जाना था, लेकिन दो आदिवासी परिवार कंपनी को जमीन देने के पक्ष में नहीं थे। जिसे लेकर विवाद चल रहा था। लेकिन अब उस विवाद पर विराम लग गया है। सांसद निशिकांत दुबे ने इसपर पहल करते हुए कहा कि अडाणी को उस जमीन की जरुरत नहीं है। इसलिए अब उस 16 बीघा जमीन का अधिग्रहण नहीं करने का फैसला लिया गया है।

सांसद शुक्रवार को मोतिया में लग रहे अडाणी पावर प्रोजेक्ट देखने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने ये बात कही। माली मौजा के विवादित जमीन को लेकर डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा कि “माली मौजा के 16 बीघा जमीन जिसे लेकर राजनीति की जा रही है, उस 16 बीघा जमीन की आवश्यकता अब कंपनी को नहीं है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि आदिवासियों के लिए आगे का विकल्प खुला रहेगा और उनके मुआवजे की रकम जब चाहे ले सकते हैं।

स्थानीय सांसद डॉ. निशिकांत दुबे शुक्रवार को मोतिया स्थित अडाणी पावर प्लांट में चल रहे विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया। पावर प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए उद्योग बेहद जरूरी है। इसलिए ये पावर प्लांट गोड्डा के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कंपनी के पदाधिकारियों के साथ बैठ कर वीडियो प्रजेंटेशन के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्य की जानकारी ली। सांसद ने कहा कि गोड्डा जैसे पिछड़े जिले के विकास की परिकल्पना मेरी जिद है।
सांसद ने कम्पनी के सुरक्षा मानकों का पूरा खयाल रखा कम्पनी क्षेत्र पहुंचते ही कम्पनी द्वारा दिये गए ड्रेस एवं हेलमेट को लगाकर प्लांट का निरीक्षण किया। पावल प्लांट का दौरा करने से पहले डॉ.दुबे उपायुक्त किरण कुमारी पासी से भी मिले। जहां उन्होंने अडानी द्वारा अधिग्रहित विवादित आदिवासी जमीन पर चर्चा कर उस जमीन को नहीं लेने की बात कही।
साथ ही डॉ. दुबे ने कम्पनी के अधिकारियों से भी मिलकर उन्हें उस जमीन का इस्तेमाल न करने को कहा। पावर प्लांट निरीक्षण के दौरान अडाणी पावर प्लांट के युनिट हेड नरेश गोयल, दिनेश तिवारी, अरूण कुमार, सुबोध सिंह, मुनचुन झा, नरेन्द्र चौबे, शिवेश वर्मा, कृष्ण कन्हैया शेखर मंडल आदि थे।
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