गोड्डा: जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए अडाणी फाउंडेशन का मॉडल केंचुआ खाद प्लांट,Video

गोड्डा/झारखंड:  अडाणी फाउंडेशन ने सीएसआर के तहत किसानों को वर्मी कंपोस्ट यानी केंचुआ खाद बनाने की ट्रेनिंग देने के लिए तथा उन्हें इसके प्रति जागरुक बनाने के लिए सदर प्रखंड के मोतिया गांव में एक मॉडल वर्मी कंपोस्ट प्लांट बनाया है। इसमें केंचुआ खाद तैयार करने के लिए कुल बीस बेड लगाए गए हैं। इनमें केंचुआ खाद बनने की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है।

फाउंडेशन का मानना है कि किसान जब अपने गांव में इस प्रकार से केंचुआ खाद तैयार होते देखेंगे तब उन्हें भी इस खाद को बनाने के प्रति उत्सुकता पैदा होगी और अगर किसान चाहेंगे तो अडाणी फाउंडेशन उन्हें इसमें मदद करेगा। सिर्फ केंचुआ खाद तैयार करने में ही नहीं, बल्कि उन्हें बाजार दिलाने में भी मदद की जाएगी।

केंचुआ खाद के प्रयोग से रासायनिक खाद पर किसानों की निर्भरता कम होगी, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। इसके अलावा रासायनिक खाद की तुलना में इसके प्रयोग से खेती में लागत कम आएगी। गोबर की तुलना में इसके प्रयोग से खर-पतवार पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।

मोतिया के किसान जय शंकर झा ने कहा कि जैविक खेती का भविष्य उज्जवल है और हमने जब अपनी आंखों से केंचुआ खाद बनाने की प्रक्रिया देखी तो हम खुद भी इसे अब बनाना चाहते हैं और जैविक खेती करना चाहते हैं। फाउंडेशन की तरफ से पहले भी केंचुआ खाद बनाने के लिए प्रशिक्षण व अन्य तरह के सहयोग मोतिया व आसपास के गांवों के ग्रामीणों को दिए गए हैं। ग्रामीण अभिमन्यु ठाकुर कहते हैं कि यह प्रयोग रंग लाएगा और दूरगामी असर छोड़ेगा। केंचुआ खाद बनाकर किसान इसे अपने खेत में तो इस्तेमाल करेंगे ही साथ ही इसे बढ़िया कीमत पर बेच भी पाएंगे, जिससे किसानों को बढ़िया आमदनी होने की भी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह भ्रांति है कि जैविक खेती में उत्पादकता कम होती है।

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