रांची: छठ महापर्व पर झारखंड सरकार के गाइडलाइन पर JMM ने भी पुनर्विचार की मांग की

रांची/झारखंड: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय समिति के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने मुलाकात कर राज्य सरकार से छठ महापर्व से जुड़ी सरकारी निर्देश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
विनोद कुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री को पत्र के जरिये अवगत कराया है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के उच्चतम संक्रमण काल में झारखंड राज्य आपके कुशल नेतृत्व में कोविड के अप्रत्याशित प्रसार को मात देता रहा। आपके द्वारा जारी दिशानिर्देश अनुरूप राज्य वासियों ने अपने संयम का परिचय देते हुए कोविड के संक्रमण को सीमित करते हुए सरकार के इच्छाशक्ति को बल प्रदान किया।
श्री पांडेय ने पत्र में लिखा है कि कोविड-19 के कारण विगत 7 माह में सरहुल, रामनवमी, ईद, ईस्टर, स्वतंत्रता दिवस, करमा, विश्वकर्मा पूजा, दुर्गा पूजा, काली पूजा जैसे अनेक धार्मिक एवं राष्ट्रीय पर्व के हर्षोल्लास को सीमित रखते हुए लोगों द्वारा राज्य सरकार के हर दिशा निर्देश का अक्षरश: पालन किया है। छठ महापर्व हिंदुओं के आस्था का महापर्व है। देश में झारखंड, बिहार एवं उत्तर प्रदेश में छठ महापर्व अपना विशेष स्थान रखता है।
नहाय-खाय के दिन से शुरू होकर खरना, अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात प्रातः उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर इस पर्व का पारन किया जाता है। कुल चार दिवस तक चलने वाले इस महापर्व से झारखंड ही नहीं पूरे विश्व में रहने वाले हिंदुओं की आस्था जुड़ी हुई है। वर्तमान समय में कोविड नियंत्रण एवं छठ महापर्व से जुड़ी लोक आस्था के कारण राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। अतः महोदय आप के माध्यम से हम यह आग्रह करना चाहेंगे कि छठ महापर्व के दौरान सीमित संख्या में छठ व्रतियों को घाट पर जाकर सूर्यदेव की उपासना हेतु अनुमति प्रदान करने की स्वीकृति मिले।
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