झारखंड में एंबुलेंस चलाना अपराध है? थाना प्रभारी ने एंबुलेंस ड्राइवर को मारा थप्पड़, Video

कतरास/झारखंड:  झारखंड के कतरास से जो वीडियो सामन आया है उसके बाद सबसे पहले ये सवाल पूछना जरुरी हो जाता है कि क्या भारत बंद या किसी भी तरह के बंद के दौरान एंबुलेंस के चलने पर रोक लगाई जा सकती है? क्या किसी दल विशेष या किसी संगठन का विरोध जिंदगी से जूझ रहे किसी मरीज की जान से ज्यादा जरुरी है? क्या खाकी के खिदमतगारों के लिए एंबुलेंस में मौजूद मरीज से ज्यादा जरुरी भारत बंद में शामिल प्रदर्शनकारियों को शह देना है? और सबसे बड़ा सवाल… क्या भारत बंद के दौरान किसी का बीमार हो जाना और उस बीमार को एंबुलेंस में अस्पताल पहुंचाना और सड़क जाम कर रहे बंद समर्थकों से रास्ता मांगने के लिए हॉर्न बजाना संविधान के लिहाज से कानूनन जुर्म है?

अगर भारत बंद में एंबुलेंस की मदद से मरीज को अस्पताल पहुंचाना जुर्म नहीं है तो फिर कतरास की थाना प्रभारी सुषमा कुमारी पर वर्दी का इतना खुमार क्यों चढ़ गया कि उन्होंने एंबुलेंस के लिए रास्ता खाली करवाने के बजाया उसके ड्राइवर को केवल इसलिए थप्पड़ जड़ दिया कि उसने हॉर्न बजाकर प्रदर्शनकारियों से रास्ता देने के लिए कहा था।

सोमवार को भारत बंद के दौरान रघुवर दास के झारखंड के कतरास में थाना प्रभारी सुषमा कुमारी ने एक इंसान की जिंदगी की कीमत को सड़क पर प्रदर्शन कर रहे चंद विरोधी स्वरों के बीच नीलाम कर दिया। कतरास के थाना चौक को भारत बंद के समर्थकों ने पूरी तरह से जाम कर दिया। वहां से किसी भी गाड़ी का गुजर पाना मुश्किल था।

उसी दौरान वहां से एक एंबुलेंस गुजर रही थी। एंबुलेंस के भीतर मरीज जिंदगी और मौत के बीच लड़ रहा था। जल्द अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी। रास्ता जल्द खाली हो जाए इसके लिए एंबुलेंस ड्राइवर ने हॉर्न बजा दिया। इतने पर वहां मौजूद थाना प्रभारी सुषमा कुमारी को गुस्सा आ गया। उन्होंने एंबुलेंस रुकवाकर पहले तो उसे काफी भला बुरा कहा। लेकिन जब इतने से भी खाकी का नशा पूरा नहीं हुआ तो एंबुलेंस ड्राइवर को थप्पड़ जड़ दिया। उस एंबुलेंस ड्राइवर का गुनाह केवल इतना था कि उसने हॉर्न बजाया था ताकि रास्ता साफ हो सके और वो मरीज को जल्द अस्पताल पहुंचा सके।

पहले भी विवादों में रह चुकी हैं कतरास थाना प्रभारी

सुषमा कुमार तकरीबन तीन साल से कतरास थाना में ही तैनात हैं। उनपर मनमर्जी करने और कानून का मजाक बनाने के कई बार आरोप लग चुके हैं। जानकारी के मुताबिक हाल ही में उनपर चौधरी नर्सिंग होम के एंबुलेंस ड्राइवर को थप्पड़ मारने के आरोप लगे थे। उससे पहले उन्होंने किसी बात को लेकर एक महिला को थप्पड़ मार दिया था। जिसके बाद महिला को सुनाई देना तकरीबन बंद हो गया। इसकी शिकायत भी की गई थी। लेकिन कार्रवाई कौन करे जब रखवाले ही भक्षण करने लगें।

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