जैश सरगना मसूद अजहर बना गया पाकिस्तानी सरकार का रणनीतिक सलाहकार !

दिल्ली: पाकिस्तान की सरकार और वहां पल बढ़ रहे आतंकी संगठनों को अलग करके नहीं देखा जा सकता। कभी पाकिस्तान के पीएम आतंकियों की स्क्रिप्ट संयुक्त राष्ट्र महासभा में पढ़ते हैं तो कभी आतंकी संगठनों के सरगना हाफिज सईद, मसूद अजहर और सैयद सलाउद्दीन पाकिस्तानी सरकार को ये सलाह देते हैं कि भारत के खिलाफ किस तरह की नीति बनाई जाए।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाया है आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने। मसूद अजहर ने अपनी सरकार (पाकिस्तानी सरकार) से पूछा है कि वो भारत को सर्जिकल स्ट्राइक का जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं। मसूद अजहर ही पठानकोट आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी था। उसने जिहादी ग्रुप को भारत के खिलाफ एक्शन की मंजूरी दे दी है। मसूद ने कहा ‘पाकिस्तान सरकार को हिंदुस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। वक्त पर सही फैसले लेने की कमी और ऐतिहासिक आवसर का लाभ उठाने में पीछे रहने के चलते ही पाकिस्तान को ये दिन देखने पड़ रहे हैं।‘

मसूद अजहर का बयान एक पत्रिका ‘अल कलाम’ में प्रकाशित हुआ है। ये जैश-ए-मोहम्मद का साप्ताहिक पत्रिका है। इसमें मसूद अजहर ने कहा ‘अगर पाक सरकार थोड़ा सा भी साहस दिखाए तो कश्मीर और सिंधु जल की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। अगर कुछ नहीं तो पाक सरकार को मुजाहिद्दीन के लिए रास्ता साफ करना चाहिए। इसके बाद अल्लाह ने चाहा तो 2016 के हिम्मत के आगे 1971 की सारी कड़वी यादें खत्म हो जाएंगी।‘

मसूद अजहर ने पाकिस्तानी सरकार को अपनी नीतियों में बदलाव की सलाह दी है। उसने कहा ‘जिहादी नीतियों के कारण 1990 में पाकिस्तान को काफी फायदा हुआ था। हिंदुस्तान ‘अखंड भारत’ की सोच पर चल रहा है। अगर हम जिहादी नीति पर काम करेंगे तो हिंदुस्तान को तोड़ सकते हैं।‘

आगे उसने कहा ‘पठानकोट और उरी हमले के बाद भारत पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है। कश्मीर के हालात को देखते हुए पाकिस्तान को ये सब करना ही होगा। कश्मीर पाकिस्तान का सबसे अहम नस है। हमें सार्क सम्मेलन को रद्द कर देना चाहिए। एलओसी पर सीजफायर को खत्म कर देना चाहिए। पिछले 90 दिनों में कश्मीर में कितने मुस्लिम मारे गए और ना जाने कितने जख्मी हुए हैं। कश्मीर में जिहाद के बाद आप देखेंगे कि वहां कहीं भी भारत का नामोनिशान नहीं होगा। हर तरफ बस जिहाद होगा।‘

Loading...

Leave a Reply