इशरत जहां केस में गुम फाइलों की जांच फिक्स थी ?

  • गवाहों को पहले ही बताए गए सवालों के जवाब !
  • गुम फाइलों पर ‘ना’ में जवाब चाहते थे बीके प्रसाद ?

Ishrat Jahan encounter case की गुम फाइलों के मामले की जांच कर रही समित के प्रमुख BK Prasad जांच की प्रक्रिया को लेकर सवालों में घिर गए हैं। अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक इस मामले में जिनसे पूछताछ होनी थी बीके प्रसाद पहले ही उन्हें ये बता देते थे कि उन्हें क्या जवाब देना है। अखबार के मुताबिक BK Prasad की तरफ से गवाहों को सवाल बताने के साथ साथ ये भी बता दिया गया की किस सवाल में उन्हें क्या जवाब देना है।

हलांकी जब मामले ने तूल पकड़ा तो जांच समिति के प्रमुख BK Prasad ने कहा की सारे आरोप निराधार हैं। आगे उन्होंने कहा की मामले की जांच में जब लोगों को फोन किया जाता था तो लोग डर जाते थे। इसी वजह से अधिकारियों से कहा गया की ‘आपने उस समय फाइल देखी है, अगर नहीं देखा तो बता देना और अगर देखा तो भी बता देना ‘।

अखबार के मुताबिक इशरत जहां मुठभेड़ से जुड़ी फाइलों के गुम होने की जांच कर रहे बीके प्रसाद ने गवाह से कहा की ‘मेरे को ये पूछना है कि आपने ये पेपर देखा? आपको कहना है कि मैने ये पेपर नहीं देखा…सीधी सी बात है‘।

द इंडियन एक्सप्रेस की तरफ से जारी ऑडियो (सौ. द इंडियन एक्सप्रेस)

‘द इंडियन एक्सप्रेस‘ की खबर के मुताबिक गृह मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी ने यह बात इस मामले के गवाह और गृह मंत्रालय के पूर्व निदेशक अशोक कुमार से ये कहा। समिति के हेड की तरफ से गवाहों को जवाब देने की दी गई इस तरह की ट्रेनिंग ने जांच पर ही सवाल खड़े कर दिये हैं। दरअसल 10 मार्च को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इशरत जहां मुठभेड़ से जुड़ी फाइलों के गुम होने की जांच के लिए समिति बनाई थी। बीके प्रसाद को उस जांच समिति का प्रमुख बनाया गया था जिन्होंने अपनी रिपोर्ट बुधवार को सौंपी है।

B.K-Prasad-IAS-ISHRATगवाहों की दी गई कोचिंग का कैसे हुआ खुलासा ?
अंग्रेजी अखबार के मुताबिक 25 अप्रैल को दोपहर के वक्त रिपोर्टर ने बीके प्रसाद को फोन किया। रिपोर्टर ने किसी और मुद्दे पर प्रसाद को फोन किया था। प्रसाद का जवाब रिपोर्टर ने रिकॉर्ड किया। तभी बीके प्रसाद को दूसरा फोन आया और उन्होंने रिपोर्टर को होल्ड पर डालकर दूसरे फोन से बात करनी शुरु कर दी। वे फोन पर इशरत जहां से जुड़ी फाइलों के गुम होने की जांच से जुड़ी बात कर रहे थे। यह बातचीत भी रिपोर्टर के फोन में रिकॉर्ड हो गया। जिसमें बीके प्रसाद एक अधिकारी से बात कर रहे थे जिन्हें अगले दिन अपना बयान दर्ज कराना था।

हलांकी इसपर बीके प्रसाद ने कहा की अगर कुछ सीक्रेट बात हमारे बीच होती तो मैं रिपोर्टर का फोन काट देता।

इस बात का खुलासा होने के बाद हलफनामे में बदलाव को लेकर घिरे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने NDA सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा की अखबार की रिपोर्ट से एनडीए सरकार की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा की झूठी रिपोर्ट भी सच नहीं छिपा सकती। असली मुद्दा ये है कि एनकाउंटर फर्जी था या असली।

वहीं इस मामले में अशोक कुमार ने कहा की उनकी गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव बीके प्रसाद से बात हुई थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा की उनपर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया। वे 2009 में गृह मंत्रालय में नहीं थे। उन्हें 2011 में गृह मंत्रालय में पोस्टिंग मिली थी । अशोक कुमार ने कहा कि उनसे बीके प्रसाद की बात हुई थी और उन्होंने सभी सवालों के तथ्यात्मक जवाब दिए थे।

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