is bihar safe for girl after motihari case

मोतिहारी की घटना के बाद भी कहेंगे…’बिहार में सब ठीक है’?

मोतिहारी की घटना के बाद भी कहेंगे…’बिहार में सब ठीक है’?

बिहार में मोतिहारी के अस्पताल से निकलत एक बेटी की सिसकियों के सामने राज्य सरकार सहम गई है। वो सिसकियां सरकार के उस दावे पर हावी हो रही है जिसमें अकसर ये कहा जाता है कि बिहार में सबकुछ सामान्य है। अस्पताल में एक पीड़ित युवती की सिसकियां पूछ रही हैं राज्य सरकार से…. बताओ सल्तनत के मालिक आपकी रियाया कैसे आपके उपर भरोसा करे ? कैसे आपके कोतवालों पर भरोसा करे ? कैसे आपके उन दावों पर भरोसा करने जिसमें अक्सर आप कहते हैं कि सभी को सुरक्षा देंगे। हर बेटी सुरक्षित होगी , हर मां बेफिक्र होगी बेटी की सुरक्षा को लेकर, हर पिता को इस बात की तसल्ली होगी की उसकी बेटी की तरफ कोई बुरी नजरों से नहीं देखेगा , हर भाई को ये इत्मिनान होगा कि उसकी बहन जिस हालत में घर से बाहर जा रही है उसी तरह हंसती खेलती वापस भी आएगी।

मोतिहारी के अस्पताल में आज एक बेटी जिंदगी और मौत के बीच झूलती हुई इंसाफ का इंतजार कर रही है। पीड़ित लड़की ने सीधा सीधा आरोप लगाया है कि उसके साथ गैंगरेप किया गया। ऐसा करनेवाला पीड़ित लड़की के पड़ोस में रहता था। लड़की घर के पीछे शौच के लिए गई थी। तभी उसे खींचकर ले जाया गया। उसके कपड़े फाड़े गए, उसके साथ मारपीट की गई, उसके निजी अंग में बंदूक घुसाकर उसे मारने की कोशिश की गई किसी तरह लड़की अपनी जान बचाकर भागकर अपने घर आई। दहशत इस कदर था कि तीन दिन तक लड़की का परिवार छिपा रहा। 13 जून को लड़की के साथ गैंगरेप का आरोप है। पुलिस के मुताबिक 16 जून को एफआईआर दर्ज की गई। 24 जून तक आरोपी फरार हैं। और 24 जून तक नीतीश की पुलिस यही तय कर रही है कि लड़की के साथ रेप हुआ, रेप करने की कोशिश की गई या फिर केवल छेड़खानी का मामला है। लड़की ने अपने बयान में साफ –साफ कहा कि उसके साथ गंदा काम किया गया। लेकिन बिहार के एडीजी कहते हैं अटेंप्ट टू रेप हुआ, जिले के एसपी कहते हैं मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई है और उसके नीचे वाले कोतवाल यानि एएसआई का कहना है कि उसे थाना प्रभारी ने अस्पताल में भेजा है इसलिए वो आ गया। यानि सभी की अपनी सोच है और सभी ने अपने अपने जवाब तैयार कर रखे हैं। किसी को ये फिक्र नहीं कि आरोपी कहां हैं…इतने दिन बीत जाने के बाद भी गिरप्तारी क्यों नहीं हुई…. किसी के पास इस सावाल का जवाब नहीं है। केद्रीय गृह मंत्रालय ने भी राज्य सरकार से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।

किस तरह से खेला गया हैवानियत का खेल?
कुछ दिन पहले मोतिहारी के रामगढ़वा गांव के समीउल्लाह ने पीड़ित लड़की के साथ रेप किया और उसका वीडियो बना लिया। वीडियो लीक करने का डर दिखाकर समीउल्लाह पीड़ित लड़की को ब्लैकमेल करता था। 13 जून को फिर से समीउल्लाह ने युवती के साथ रेप करने की कोशिश की। लेकिन लड़की समीउल्लाह को घायल कर वहां से भाग गई। आरोप के मुताबिक 15 जून को समीउल्लाह के परिवारवालों और गांव के दूसरे दबंगों ने लड़की के साथ हैवानियत का खेल खेला। बंदूक के बल पर युवती के साथ मारपीट किया गया पूरे गांव में उसे घुमाया गया।

पीड़ित लड़की की मां ने शेख ग्यास अहमद के पांच बेटों समीउल्लाह, ओलिउल्लाह, जबीउल्लाह, कलिमुल्लाह, नुरुल्लाह, और स्वर्गीय महमूद मियां के बेटे शेख ग्यास मियां के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

पीड़ित ने पुलिस को सबकुछ बता दिया। हर आरोपी का नाम बता दिया। दिन, तारीख समय सबकुछ बता चुकी है मोतिहारी के अस्पताल में पड़ी एक घायल बेटी। घायल औऱ भीतर से छलनी हो चुकी वो बेटी पुलिस के हजारों सवालों के जवाब दे चुकी है। लेकिन पूरे बिहार की पुलिस और बहुमत वाली नीतीश की सरकार उसके केवल एक सावल का जवाब नहीं दे सकी की गुनहगार कब तक गिरफ्तार होंगे… सरकार ?

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