इस देश को भी थी भारत के सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी, ऑपरेशन में दे रहा था साथ !

दिल्ली: 28 सितंबर की रात जब भारतीय सेना ने POK में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया उस रात पाकिस्तान के दो छोर पर जबरदस्त गोलीबारी चल रही थी। सेना के कमांडो एक तरफ से POK में घुसने वाले स्पेशल कमांडो को कवर फायर दे रहे थे तो दूसरी तरफ ईरानियन बॉर्डर गार्ड्स ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान वाले इलाके में गोलीबारी शुरु की।

ईरान की सेना ने बलूचिस्तान में मोर्टार दागे थे। इससे हुआ ये कि पाकिस्तान ये सोचने लगा कि ईरान बलूचिस्तान के ईलाके में गोलीबारी क्यों कर रहा है। ईरानी गोलीबारी के बाद काफी तादाद में पाकिस्तानी सेना पश्चिमी सीमा पर तैनात कर दी गई। पाकिस्तानी सेना की हलचल भी बलूचिस्तान के उस इलाके में ही ज्यादा रही। इसका फायदा भारतीय फौज को मिला। और POK में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया।

सूत्र बता रहें हैं कि पाकिस्तान अबतक ये नहीं समझ पा रहा है कि ईरानी सेना ने मोर्टार क्यों दागे। बलूचिस्तान प्रांत के गवर्नर ने कहा ईरानियन बॉर्डर गार्ड्स की तरफ से दागे गए मोर्टार के गोले पंजगूर जिले में गिरे। दो गोले पाकिस्तानी फ्रंटियर कॉर्प्स की चेकपोस्ट के नजदीक गिरे जबकि तीसरा किल्ली करीम दाद इलाके में गिरा। ईरान की इस कार्रवाई में किसी संपत्ति या जान का नुकसान तो नहीं हुआ लेकिन पाकिस्तान ईरानी फायरिंग की पहेली में बुरी तरह से अबतक उलझा हुआ है।

जिस इलाके में ईरान ने मोर्टार दागे वो वही इलाका है जहां पाकिस्तान की तरफ से मानवाधिकार उल्लंघन की सबसे ज्यादा घटना हुई है। ये इलाके सबसे ज्यादा पिछड़ा हुआ है। और भारत की तरफ से भी इसी इलाके में होनेवाले मानवाधिकार उल्लंघन को विश्वमंच पर उठाया गया है।

भारत की तरह ईरान भी आतंकी वरदातों से परेशान है। पाकिस्तान और ईरान के बीच तकरीबन 900 किलोमीटर लंबी सीमा है। सुन्नी आतंकी संगठन जंदुल्लाह ईरान को निशाना बनाता रहा है। इस आतंकी संगठन को भी पाकिस्तानी फौज ही पनाह दे रही है। ईरान भी कई बार कह चुका है कि पाकिस्तान आतंकी संगठनों को अपनी जमीन पर पनाह देता है।

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