अगस्ता वेस्टलैंड पर राज्य सभा में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का बयान

अगस्ता वेस्टलैंड पर राज्य सभा में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का बयान

बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अगस्ता वेस्टलैंड घूसकांड में कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमले किये। उनके बयान पर कांग्रेस भड़की भी। लेकिन स्वामी के कमान से तीर निकल चुका था। उसके बाद बारी आई रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की। दरअसल दिनभर पर्रिकर के बायन का ही इंतजार किया जा रहा था। जब रक्षा मंत्री की बारी आई तो सीधे सीधे कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया रक्षा मंत्री ने।

मनोहर पर्रिकर ने कहा की कांग्रेस गलत को सही साबित करने की कोशिश कर रही है। अगस्ता डील में गड़बड़ी हुई है ये बात पूर्व रक्षा मत्री एके एंटनी भी मान चुके हैं। लेकिन रिश्वत का पैसा किसने लिया और उससे किसे फायदा हुआ ये पता लगाना जरुरी है। पर्रिकर ने सवाल उठाए की डील में एक ही वेंडर का नाम क्यों शामिल था जबकि उस सौदे के लिए तीन वेंडर का नाम तय किया गया था। लेकिन जब मानक में बदलाव किये गए तो केवल एक ही वेंडर मैदान में रहा। जिस वक्त अगस्ता वेस्टलैंड डील को पक्का किया गया उस वक्त हेलिकॉप्टर डेवलपमेंट फेज में ही था। रक्षा मंत्री ने कहा की सारे तथ्य कैग रिपोर्ट पर आधारित हैं। सौदे में भारत में ही फील्ड ट्रायल की बात लिखी गई थी। S92 और AW101 तय पैमाने पर खरे नहीं उतरे थे। लेकिन नियमों में बदलाव करके AW 101 को चुना गया। रक्षा मंत्री ने अगस्ता में कमी के बावजूद CCS की तरफ से उसे मंजूरी देने पर भी सवाल उठाए।

मनोहर पर्रिकर के इन आरोपों पर बीच में ही कांग्रेस भड़क गई। कांग्रेस ने रक्षा मंत्री के लिखित भाषण पर आपत्ति जताई। कांग्रेस का कहना था कि रक्षा मंत्री ने सदन का अपमान किया है। और जो 40 मिनट का लिखित भाषण रक्षा मंत्रि की तरफ से दिया गया वो तथ्यों से परे है।

अगस्ता वेस्टलैंड पर राज्य सभा में जिस बहस की शुरुआत हंगामे से हुई उसका अंत भी हंगमे के साथ हुआ। सरकार की तरफ से ये कहा गया की अगस्ता वेस्टलैंड में यूपीए सरकार ने गड़बड़ी की जबकि कांग्रेस की तरफ से ये दलील दी गई की हमारे तरफ से सबकुछ सही था। हमने कुछ नहीं किया। इसी के साथ राज्य सभा के कार्यवाही की समाप्ति भी हो गई।

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