अखिलेश जी यूपी में 20 रु. रिश्वत नहीं देने पर 10 महीने बच्चे की मौत हो गई!

लखनऊ: देश के सबसे बड़े प्रदेश का शासक होना अपने आप में बड़ी बात है। ये बात तब और बड़ी हो जाती है जब उस प्रदेश में सत्ता में पूर्ण बहुमत वाली सरकार हो। ये बात तब और बड़ी हो जाती है जब उस प्रदेश के सरदार की सल्तनत समाजवाद की परिभाषा को परिभाषित करने का दावा करती हो, ये बात तब और बड़ी हो जाती है जब सैफई से लेकर लखनऊ तक समाजवाद ही समाजवाद दिखाई देता हो लेकिन इतनी बड़ी बड़ी बात होने के बाद भी यहां ये कहना पड़ रहा है कि अखिलेश जी आपकी पूरी सरकार, आपकी पूरी सल्तनत आपकी पूरी साख, आपकी पूरी ईमानदारी, आपकी पूरी वफादारी एक दस महीने के बच्चे की नजरों में बेइमानी साबित हुई है।

भले ही आपने अपने शासन में उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए मेहनत किये हैं। भले ही आप अपने प्रदेश को समाजवाद की उस पंक्ति में खड़ा करने का दावा करते हैं जिसकी लकीर लोहिया ने खींची थी लेकिन आपने अपने उस समाजवाद में दस महीने के उस बच्चे के लिए इतनी भी गुंजाइश नहीं छोड़ी कि वो आपके प्रदेश की मिट्टी का स्पर्ष अपने पैरों से कर सके।

उम्र ही क्या होती है दस महीने की। अभी तो वो अपनी मां की गोद से उतरकर जमीन पर लुढ़कना ही सीख रहा था कि आपके हाकिमों की बनाई हुई हुकूमत ने उसका गला घोंट दिया। जी हां…गला घोंट दिया गया उस दस महीने के किशना का जिसे बहराइच के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था।

किशना को बहराइच जिला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करने वाले शिवदत्त का आरोप है कि 7 अगस्त को जब उसका बच्चा बीमार हुआ तो उसे लेकर अस्पताल आया। अस्पताल में पहले नर्स आशा सिंह को 100 रुपये और सफाईकर्मी को 30 रुपये की रिश्वत दी । फिर जाकर किशना को बेबी वार्ड में जगह मिली। 9 तारीख को उसकी तबीयत बिगड़ी तो जानकारी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात नर्स को दी गई। परिजनों का आरोप है कि नर्स ने दस महीने के किशना को इंजेक्शन लगाने के लिए 20 रुपये की रिश्वत मांगी। लेकिन घरवालों ने देने से इनाकर किया क्योंकि उनके पास पैसे नहीं थे तो उसे गलत इंजेक्शन लगा दिया गया। जिसके बाद किशना की मौत हो गई।

परिजन की तरफ से गलत इंजेक्शन लगाने के आरोप को अस्पताल प्रशासन खारिज कर रहा है। बहराइच जिला अस्पताल के सीएमओ ओ पी पांडेय के मुताबिक बच्चे को एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाया गया था। जिससे कोई नुकसान नहीं होता। इस पूरे मामले की तहकीकात के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है। आरोपी नर्स को उस वार्ड से हटा दिया गया है और रिश्वित लेने के आरोपी सफाईकर्मी को बर्खास्त कर दिया गया है। अभी और सुनिये उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एसपी यादव ने जिलाधिकारी को जांच के आदेश दिये हैं। उन्होंने ये भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
ये सबकुछ सही है लेकिन अखिलेश जी आपकी जांच से ना तो दस महीने का वो किशना वापस आएगा जिसने बहराइच के जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। ना ही उस मां के कलेजे को सांत्वना मिल पाएगी जिसके 10 महीने के बच्चे ने इसलिए अस्पताल में दम तोड़ दिया क्योंकि उसके पास रिश्वत में देने के लिए 20 रुपये नहीं थे। क्या अब भी उत्तर प्रदेश नाम के सल्तनत के सरदार उत्तर प्रदेश के उत्तम प्रदेश बनने या बनाने का दावा उसी यकीन से करेंगे।

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One thought on “अखिलेश जी यूपी में 20 रु. रिश्वत नहीं देने पर 10 महीने बच्चे की मौत हो गई!

  • August 11, 2016 at 8:59 pm
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    Same on Nurse….. so sad

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