Applying for Indian passport to get easier

2 मिनट में जानिये क्या है पासपोर्ट बनवाने के नए नियम

2 मिनट में जानिये क्या है पासपोर्ट बनवाने के नए नियम

नई दिल्ली: पासपोर्ट बनवाना अब काफी आसान हो गया है। पहले की तरह दस तरह के सर्टिफिकेट और अलग अलग जगहों से अटेस्ट कराए हुए डॉक्यूमेंट्स आपको नहीं जमा कराने होंगे। नए नियम में बर्थ सर्टिफिकेट की जरुरत खत्म कर दी गई है। वहीं अभिभावक के तौर पर माता-पिता में से किसी एक का ही नाम देना होगा।

पासपोर्ट बनवाते वक्त डेट ऑफ बर्थ के सबूत के तौर पर ट्रांसफर/ स्कूल लिविंग/ मैट्रिकुलेशन, पैन कार्ड और आधार कार्ड /ई-आधार कार्ड में से कोई एक डॉक्यूमेंट दिया जा सकेगा। इसके अलावे डेट ऑफ बर्थ के प्रूफ के लिए सर्विस रिकॉर्ड की फोटोकॉपी, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, एलआईसी पॉलिसी बॉन्ड को भी मान्य किया गया है।

नए नियम में अपने विभाग या मंत्रालय से एनओसी हासिल नहीं करनेवाले सरकारी कर्मचारियों के लिए भी उपाय किये गए हैं। उन्हें अब सेल्फ डिक्लरेशन देना होगा। जिसमें लिखना होगा कि उन्होंने एक ऑर्डिनरी पासपोर्ट के लिए अप्लाई करने से पहले अपने इम्प्लॉयर को इसकी जानकारी दे दी है।

  1. पासपोर्ट जारी करने के प्रॉसेस को भी आसान बनाया गया है
  2. रजिस्ट्रार ऑफ बर्थ एंड डेथ, म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन या रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ्स एंड डेथ्स एक्ट 1996 के तहत अधिकृत किसी अन्य अथॉरिटी की तरफ से जारी बर्थ सर्टिफिकेट भी बर्थ ऑफ डेट के प्रमाण के तौर पर दिया जा सकेगा।
  3. अबतक 26 जनवरी 1989 के बाद जन्म लेनेवाले लोगों के लिए पासपोर्ट बनवाते वक्त बर्थ सर्टिफिकेट जमा कराना अनिवार्य था।
  4. साधु संन्यासी अपने माता पिता की जगह अपने गुरु का नाम लिख सकेंगे। लेकिन उन्हें मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड या आधार कार्ड में से कोई एक चीज साथ में देना होगा।
  5. लोगों को किसी भी अनुलग्नक को नोटरी या न्यायिक मजिस्ट्रेक के वेरीफाइड एफिडेविट के रुप में देने की जरुरत नहीं होगी। सादे कागज पर अनुलग्नक प्रिंट कर देने पर भी काम हो जाएगा।
  6. पासपोर्ट के लिए अनुलग्नकों (Annexe) की संख्या 15 से घटाकर 9 कर दी गई है।
  7. एप्लीकेशन में लोगों को माता-पिता में से किसी एक का नाम लिखना होगा।
  8. शादीशुदा लोगों को मैरिज सर्टिफिकेट या अनुलग्नक ‘K’ नहीं देना होगा।
  9. तलाकशुदा लोगों को अपने जीवन साथी का नाम देना जरुरी नहीं होगा
  10. अनाथ बच्चों की डेट ऑफ बर्थ के प्रूफ के तौर पर मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट या कोर्ट का सर्टिफिकेट नहीं है तो अनाथालय के प्रमुख द्वारा उनके ऑफिशियल लेटर हेड पर लिखकर देने को भी प्रूफ माना जाएगा।
  11. बिना शादी किये जन्म लेनेवाले बच्चों के लिए केवल अनुलग्नक ‘G’ देना होगा। गोद लिये बच्चों के लिए पेरेंट्स को एक सादे कागज पर एफिडेविट देना होगा।
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