पाकिस्तान ने भारतीय राजदूत को गुरुद्वारे जाने से रोका, दो महीने में दूसरी बार बदसलूकी

नई दिल्ली:  पाकिस्तान ने एकबार फिर से भारतीय राजदूत के साथ बदसलूकी की है। इसबार पाकिस्तान ने भारतीय राजदूत अजय बिसारिया को रावलपिंडी के गुरुद्वारा पंजा साहिब जाने से रोक दिया। भारतीय अधिकारियों ने बाताय कि उन्होंने पहले से गुरुद्वारे में जाने की इजाजत ले रखी थी। इसके बावजूद उन्हें वापस इस्लामाबाद लौटना पड़ा। बिसारिया के साथ उनकी पत्नी भी थीं।

भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने ये मामला उठाया है। बिसारिया में गुरुद्वारे में सिखों से मुलाकात भी करने वाले थे। पिछले दो महीने में ये दूसरी बार हुआ है जब बिसारिया को पंजा साहिब पहुंचने से पहले रास्ते से ही उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया ।

पंजा साहिब गुरु नानक साहिब के अनुयायियों के लिए तीर्थ स्थल की तरह है। अप्रैल में भी अन्य भारतीय अधिकारियों को भी गुरुद्वारे और तीर्थ स्थल जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। धार्मिक श्राइनों की यात्रा पर तय पाकिस्तान-भारत प्रोटोकॉल के तहत भारतीय सिख तीर्थयात्री हर साल खास धार्मिक पर्वों पर पाकिस्तान जाते हैं।

दरअसल 1992 की आचार संहिता पर दोनों देशों की सहमति होने के बावजूद इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों के उत्पीड़न के मामले सामने आते रहते हैं। इस संहिता में दोनों देशों के रिश्तों में तनाव की स्थिति के हालात में एक दूसरे के राजदूतों को सुरक्षा शील्ड देने की बात कही गई है।

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