दुश्मन सावधान! जल, थल, वायु से परमाणु हमला करने में सक्षम हुआ भारत

नई दिल्ली: भारत की सैन्य तैयारियों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। ये नया अध्याय जुड़ा है पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत के नाम से। इसी साल अगस्त में देश में बने आईएनएस अरिहंत को नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया है। इसी के साथ देश की सैनिक शक्ति में एक मजबूत स्तंभ जुड़ा है।

आईएनएस अरिहंत के जरिये 750 किलोमीटर और 3500 किलोमीटर दूरी तक के लक्ष्य को मार गिराया जा सकेगा। हलांकि फिलहाल यह क्षमता अमेरिका, रूस और चीन से कम है। इन देशों के पास पांच हजार किलोमीटर तक मारक क्षमता वाले सबमरीन लॉन्च्ड बैलेस्टिक मिसाइल हैं। चुकी भारत की नीति पहले परमाणु हमला न करने की है। इसलिए न्यूक्लियर ट्रायड भारत की जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता को बेहतर बनाएगा।

चुकी पहले किये गए परमाणु हमले में दुश्मन न्यूक्लियर मिसाइलों और परमाणु हमला करने में सक्षम एयरक्राफ्ट को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में पानी के नीचे महीनों तक बगैर किसी की नजर में आए परमाणु हमले की क्षमता वाली पनडुब्बी से जबावी न्यूक्लियर स्ट्राइक में रोल बेहद अहम और प्रभावशाली हो जाता है।

हलांकि अभी अरिहंत को पूरी तरह से अपने काम को पूरा करने में थोड़ा वक्त लगेगा। माना जा रहा है कि यह एक स्ट्रैटजिक प्रोजेक्ट है जिसकी निगरानी सीधी पीएमओ से हो रही है। क्योंकि नौ सेना और रक्षा मंत्रालय की तरफ से इसपर अबतक किसी तरह का बयान नहीं दिया गया है।

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