104 उपग्रह लॉन्च करने में ISRO की कामयाबी पर चीन ने कहा ‘दुनिया भारत से सीखे’




नई दिल्ली: एक साथ 104 उपग्रह को एकसाथ लॉन्च कर ISRO ने जो कामयाबी हासिल की है उसे चीन ने भी सराहा है। एक साथ इतनी बड़ी तादाद में उपग्रह लॉन्च कर ISRO ने विश्व कीर्तिमान बनाया है। साथ ही इस कामयाबी के बाद रुस और अमेरिका इस मामले में भारत से काफी पीछे हो गए हैं।

– ISRO ने एक साथ लॉन्च किये 104 सैटेलाइट्स, रूस और अमेरिका काफी पीछे छूट गए

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है ISRO ने वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम कर स्पेस टेक्नॉलजी में अपनी धमक जमाई है। अखबार में आगे लिखा गया है हलांकि स्पेस टेक्नॉलजी में कामयाबी को सैटेलाइट्स की लॉन्चिंग से नहीं आंका जा सकता है। इस बारे में भारतीय लोगों के मुकाबले वैज्ञानिक ज्यादा समझते हैं। अखबार के मुताबिक कम निवेश के बावजूद स्पेस टेक्नॉलजी में ग्लोबल लेवल हासिल कर ISRO ने बड़ा काम किया है। ISRO की इस कामयाबी ने दूसरे देशों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

भारत 2013 में मंगल पर मानवरहित रॉकेट भेजने वाला पहला एशियाई देश बना था। 2016 में इकनॉमिक फोरम की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2013 में अमेरिका का स्पेस बजट सबसे अधिक 39.3 बिलियन डॉलर था, इस मामले में चीन दूसरे स्थान पर था और उसका बजट 6.1 अरब डॉलर था, रूस 5.3 बिलियन डॉलर के साथ तीसरे और जापान 3.6 अरब डॉलर के साथ चौथे स्थान पर था। उस वक्त भारत का बजट केवल 1.2 अरब डॉलर था।

Loading...