NSG की सदस्यता के लिए जारी है भारत की कोशिश, क्या मान जाएगा चीन ?

NSG यानि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता का अमेरिका और रुस पूरी तरह से समर्थन कर रहे हैं। लेकिन भारत को मिल रहा ये समर्थन चीन की आंखों में खटक रहा है। चीन की तरफ से लगातार भारत के NSG सदस्य बनने का विरोध किया जा रहा है। NSG के मुद्दे पर चीन का रुख बदल जाए और भारत के पक्ष में वो आए इसके लिए 16 और 17 जून को विदेश सचिव एस जयशंकर ने पेइचिंग की यात्रा की थी।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक जयशंकर ने पेइचिंग दौरे में अपने समकक्ष से कई अहम मुद्दों पर बातचीत की जिसमें NSG में भारत की सदस्यता का मुद्दा भी शामिल था।

चीन जहां NSG में भारत की सदस्यता का विरोध कर रहा है तो वहीं अमेरिका की तरफ से भारत का समर्थन किया जा रहा है। अमेरिका ने NSG के 48 सदस्यों से भी भारत का समर्थन करने की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से ठीक पहले विदेश सचिव एस जयशंकर ने सोल का भी दौरा किया था। सोल में भारत का पक्ष मजबूती से रखे जने के लिए दक्षिण कोरिया के नेताओं से चर्चा की गई। NSG पर पूर्ण अधिवेशन दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में 23 और 24 जून को होनी है। NSG बैठक की अध्यक्षता और उसे आयोजित कर रहा दक्षिण कोरिया भी अहम भूमिका निभा सकता है। अबतक अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया के बाद रुस ने भी भारत के NSG सदस्यता के समर्थन का भरोसा दिया है।

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