पाकिस्तान के कराची में भारत विरोधी आतंकी पाले जाते हैं, मदरसे भी करते हैं मदद




नई दिल्ली: ब्रसेल्स के थिंक टैंक ने दावा किया है कि पाकिस्तान के कराची में आतंकियों को पाला जाता है। और कराची टेररिस्ट एक्टिविटीज का गढ़ बन चुका है। आतंकियों को कराची में पाकिस्तानी सेना का भी समर्थन प्राप्त है। यही नहीं आतंकी गुटों को मदरसे भी खुलकर समर्थन करते हैं।

ब्रसेल्स के इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप यानि ICG नाम के थिंक टैंक ने ‘पाकिस्तान: स्टॉकिंग द फायर कराची’ नाम से रिपोर्ट जारी की है। जिसमें कहा गया है कि आतंकी गुट जैसे लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद- दावा, जैश-ए-मोहम्मद और एंटी शिया गुट लश्कर-ए-झांगवी के लिए कराची सबसे बेहतर पनाहगाह है। ये आतंकी यहां मदरसे चलाते हैं और पाकिस्तानी अफसरों को भी इस बारे में पूरी जानकारी है।

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ICG की रिपोर्ट में कहा गया है कि नस्लीय, राजनीतिक और संप्रदायों की लड़ाई और जिहादी विचारधारा पाकिस्तान के सबसे बड़े और अमीर शहर कराची में फल फूल रही है। ये एक प्रेशर कुकर की तरह है जो कभी भी फट सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक जब आतंकी गुटों पर कार्रवाई करने की बात आती है तो अफसर कराची के बाहरी इलाकों में चल रहे आतंकी गुटों और क्रिमिनल गैंग्स को छोड़ देते हैं। लश्कर, जमात और जैश जैसे आतंकी गुटों को अच्छा जिहादी करार दिया जाता है।

ICG की रिपोर्ट के मुताबिक कई आतंकी मास्टरमाइंड तो सितंबर 2013 में पाकिस्तान से भाग चुके हैं। रिपोर्ट में पाकिस्तान के एक सीनियर अधिकारी का भी जिक्र किया गया है जिसने कहा कि किसी भी वक्त भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव भड़क सकता है। आतंकी गुट कराची के बीचों बीच अपना कैंप चलाते हैं। लेकिन लश्कर और जैश जैसे आतंकियों के साथ दोस्त जैसा बर्ताव नहीं किया जा सकता।

कराची के एक पुलिस अफसर के मुताबिक ‘हम शहर में लॉ एंड ऑर्डर बहाल करना चाहते हैं लेकिन ऐसा नहीं कर सकते। हमें अपनी विदेश नीति का भी ध्यान रखना पड़ता है।‘ रिपोर्ट में साफ जिक्र किया गया है कि आतंकियों की मदद करनेवाले मदरसे खुले आम चल रहे हैं। ये आतंकी गुट युवाओं को खुद से जोड़ने के लिए उन्हें बताते हैं कि जिहाद भी एक काम ही होता है।

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