प्रेग्नेंसी में देरी हो रही है तो ये पांच पोजीशन हैं फायदेमंद !

दिल्ली: शादी के बाद कई दंपत्ति जल्दी मां-बाप बनना चाहते हैं। लेकिन कई बार गर्भधारण में आ रही दिक्कतों की वजह से इंतजार लंबा हो जाता है। इसमें कई लोग निराश भी हो जाते हैं। कुछ में तो देरी की वजह स्पर्म की कमी या उसका पूरी तरह से स्वस्थ न होना होता है। कई मामलों में स्पर्म का अंडाणुओं से सही तरीके से मिलन न होना भी इसकी वजह होती है। जननांग से निकलने वाले अंडे 24 घंटों तक जिंदा रहते हैं जबकि महिलाओं के शरीर में स्पर्म तीन से पांच दिन तक जिंदा रहता है। इनका मिलन अगर सही वक्त पर नहीं होता है तो महिलाओं के लिए गर्भधारण मुश्किल हो जाता है।

कई बार ऐसा भी देखा जाता है कि सबकुछ ठीक रहते हुए भी गर्भधारण में समस्या आती है। इसकी वजह होती है कि संभोग के वक्त सही पोजीशन का पता न होना। जिसकी वजह से स्पर्म महिलाओं के शरीर में सही जगह पर नहीं पहुंच पाता है। और सबकुछ अनुकूल होते हुए भी गर्भधारण की इच्छा अधूरी रहती है।

लेकिन अगर सेक्स करते वक्त कुछ पोजीशन का ध्यान रखा जाए तो महिलाएं जल्दी गर्भ धारण कर सकती हैं। मिशनरी पोजीशन उसी में से एक है। गर्भधारण के लिए इस पोजीशन को सबसे बेहतर माना जाता है। इसमें पुरुष महिला के ऊपर होता है और महिला अपने साथी के नीचे। इस पोजीशन के फायदे ये हैं कि लिंग का काफी अंदर तक प्रवेश संभव हो पाता है स्पर्म गर्भाशय तक जानेवाले टिशू या सर्विक्स के काफी करीब इकट्ठा होता है।

संभोग के दौरान अगर तकिये को महिला के नितंब के नीचे रखा जाए तो इससे भी जल्दी गर्भधारण करने के चांस बढ़ जाते हैं। नीचे तकिया लगाने की वजह से पुरुष का जितना शुक्राणू बाहर निकलेगा वह महिला के सर्विक्स तक पहुंच जाएगा। यानि इसमें शुक्राणुओं की संख्या नष्ट नहीं होगी। और वो अंडाणुओं के संपर्क में आएगा।

डॉगी स्टाइल में संभोग भी गर्भधारण के लिए उपयुक्त माना जाता है। लेकिन पहले के दोनों पोजीशन ज्यादा फायदेमंद हैं। इसमें पुरुष पार्टनर महिला पार्टनर के पीछे होता है और महिला पार्टनर डॉगी स्टाइल में अपने पुरुष पार्टनर के आगे होती है। इस स्टाइल में भी स्पर्म सर्विक्स के पास जमा होता है।
महिला के बगल में लेटकर संभोग करना भी फायदेमंद होता है। इसमें स्पर्म के सर्विक्स के पास पहुंचने की उम्मीद ज्यादा होती है।

गर्भधारण में अर्गेज्म भी काफी हद तक भूमिका निभाता है। ये सीधे तौर पर भले ही महिलाओं के गर्भधारण जुड़ा हुआ नहीं हो लेकिन इसकी सक्रियता को नकारा भी नहीं जा सकता है। अनुसंधान के मुताबिक फीमेल ऑर्गेज्म के कारण संकुचन होता है जिससे स्पर्म को सर्विक्स की तरफ धकेला जाता है।

Loading...

Leave a Reply