ICSI में मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें, आर्थिक नीति पर सवाल उठानेवालों को जवाब

नई दिल्ली:  पीएम मोदी ने ICSI के गोल्डन जुबली समारोह का उद्घाटन किया। जिसमें उन्होंने नोटबंदी, जीएसटी और इन दोनों फैसलों के बाद देश की आर्थिक दशा और दिशा पर अपनी नीती स्पष्ट की। अपने भाषण में पीएम मोदी ने बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी का नाम तो नहीं लिया। लेकिन इशारों इशारों में देश की आर्थिक तरक्की पर उनकी तरफ से उठाए गए सवालों का जवाब दे दिया। पीएम ने कहा निराशा फैलानेवालों की पहचान करना बेहद जरुरी है।

पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें

  1. पीएम मोदी ने कहा सरकार ने संस्थागत ईमानदारी बढ़ाने के लिए नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े फैसले लिये। सरकार के परिश्रम का परिणाम है कि देश की अर्थव्यवस्था कम कैश के साथ चल रही है। नोटबंदी के बाद कैश टू जीडीपी रेश्यो 12 फीसदी से घटकर 9 फीसदी पर आ गया।
  2. पिछली यूपीए सरकार के 6 साल में 8 बार ऐसे मौके आए जब विकास दर 5.7 प्रतिशत या उससे नीचे गिरी। देश की अर्थव्यवस्था ने ऐसे क्वार्टर्स भी देखे हैं जब विकास दर 0.2 प्रतिशत, 1.5 प्रतिशत गिरी।
  3. कुछ लोगों की निराशा फैलाने की आदत होती है। डोकलाम मामले को लेकर भी कुछ लोगों को हताशा हुई। ऐसे निराशा फैलानेवालों की पहचान करना बेहद जरूरी है।
  4. कभी भारत अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में नए ग्रुप का हिस्सा बन गया था। ये ग्रुप जी-7, जी-8, जी-20 नहीं थे। बल्कि इस ग्रुप का नाम था फ्रेजिल फाइव। इसे ऐसा खतरनाक ग्रुप माना गया था, जिसकी अर्थव्यवस्था खुद की समस्या होने के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी में भी बाधा थी।
  5. पीएम मोदी ने कहा पिछले तीन वर्षों में 7.5 फीसदी औसत ग्रोथ हासिल करने के बाद इस वर्ष अप्रैल-जून की तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में कमी दर्ज की गई। लेकिन ये बात भी उतनी ही सही है कि सरकार इस ट्रेंड को रिवर्स करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
  6. जीएसटी से व्यापारियों को होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार कदम उठाएगी। व्यापारियों को डरने की जरुरत नहीं है। उनके पिछले रिकॉर्ड नहीं खंगाले जाएंगे।
  7. पीएम ने कहा अगर जरुरत पड़ी तो जीएसटी में बदलाव संभव है। जीएसटी काउंसिल इसपर विचार कर रही है।       पीएम ने कहा कि हम लकीर के फकीर नहीं हैं। ना ही ये दावा करते हैं कि सारा ज्ञान हमारे पास है।
  8. मैं जानता हूं कि रेवड़ी बांटने के बजाय लोगों और देश को सशक्त करने के काम में कई बार मुझे आलोचना का सामना करना पड़ेगा। लेकिन मैं अपने वर्तमान की चिंता में देश के भविष्य को दांव पर नहीं लगा सकता हूं।
  9. जब दो लाख फर्जी कंपनियों को बंद किया तो भी कोई बवाल नहीं हुआ और मोदी का पुतला नहीं जलाया गया। सीएस वादा करें कि 2022 तक देश में एक भी शेल कंपनी नहीं रहेगी।
  10. वित्तीय मामलों को लेकर हमारी आलोचना हुई। हम कड़ी से कड़ी आलोचना भी दिल से स्वीकार करते हैं। हम संवेदनशील सरकार हैं। आलोचकों की हर बात गलत नहीं होती है। लेकिन देश में निराशा का माहौल पैदा करने से बचना चाहिए।
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