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अमेरिका से होवित्जर तोप की पहली खेप दिल्ली पहुंची, अब दुश्मन की खैर नहीं

अमेरिका से होवित्जर तोप की पहली खेप दिल्ली पहुंची, अब दुश्मन की खैर नहीं

नई दिल्ली: 30 साल बाद भारतीय सेना के बेड़े में कोई नया तोप शामिल होगा। बोफोर्स के बाद जो सूखा था वो अब होवित्जर एम-777 तोप से दूर होगा। अमेरिका से एम-777 तोप की पहली खेप दिल्ली पहुंच चुकी है। इसमें दो एम-777 तोप शामिल हैं। कस्टम क्लियरेंस के बाद इसे राजस्थान को पोकरण फायरिंग रेंज भेजा जाएगा। जहां इसका ट्रायल होगा। हलांकि भारत भेजने से पहले इसका परीक्षण हो चुका है।

भारत ने पिछले साल अमेरिका की बीईए कंपनी से 145 एम-777 तोप खरीदने का सौदा किया था। ये सौदा कुल 2900 करोड़ रुपये का है। सौदे के एग्रीमेंट के मुतिबक 155X39 कैलिबर की 25 तोपें अमेरिकी कंपनी से सीधे भारत पहुंचेगी। जबकि 120 तोपों को भारत में ही असेंबल किया जाएगा। इन 120 तोपों की असेंबलिंग के लिए बीईए ने महिंद्रा से करार किया है। इन तोपों की रेंज 24 से 40 किलोमीटर है।

सेना के सूत्रों के मुताबिका अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोप को भारतीय सेना की नई माउंटन स्ट्राइक कोर के लिए खरीदा जा रहा है। ये नई माउंटन स्ट्राइक कोर पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में तैयार की जा रही है। इस 17वीं स्ट्राइक कोर को चीन पर नजर रखने के लिए तैयार किया जा रहा है। भारत की इस कोर को ब्रह्मास्त्र नाम दिया गया है।

अपनी मारक क्षमते के अलावे इस एम-777 तोप की एक खासियत ये भी कि इसे काफी कम वक्त में सीमा पर पहुंचाया जा सकता है। इसकी वजह है इसका काफी हल्का होना। इसे हेलिकॉप्टर के जरिये भी काफी जल्द ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचाया जा सकता है। चीन से सटा हुआ इलाका अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और लद्दाख जैसे दुर्गम उलाकों के लिए ये तोप काफी कारगर होगा।

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