मर्दानगी साबित करने के लिए झेलना पड़ता है 120 वोल्ट का झटका

दिल्ली: आमौतर पर जब किसी लड़की या लड़के की शादी पक्की होती है तो मन में खयाल आते हैं कि अपने होनेवाले जीवन साथी से मुलाकात कब होगी। क्या क्या बात होगी और वो कैसा या कैसी होगी। ये तो हुई बिल्कुल सामान्य बात। लेकिन अब जो हम आपको बताने जा रहे हैं उसमें सामान्य कुछ भी नहीं है। क्योंकि ऐसी चीजों के बारे में मध्यम वर्गीय परिवारों में कम ही या ना के बराबर सुनने को मिलता है है।

दरअसल यहां बात की जा रही है शादी से पहले लड़कों के मर्दानगी टेस्ट के बारे में। इसे कोई डॉक्टर या फिर हकीम नहीं करता है। बल्कि इसमें वो लड़कियां शामिल होती हैं जिनकी शादी होनी होती है और उन लड़कों का मर्दनगी टेस्ट लिया जाता है जिनसे शादी होनी होती है।

इसमें शादी से पहले लड़के लड़की मिलते हैं। दोनों के बाच बातचीत तो होती है। लेकिन बातचीत करना इस मुलाकात का मकसद नहीं होता है। दरअसल इस मुलाकात में लड़कों की मर्दानगी का टेस्ट किया जाता है। ये जानने की कोशिश की जाती है कि जिस लड़के से उसकी शादी हो रही है इसमें खुद को मर्द साबित करने की क्षमता है भी या नहीं।

मर्दानगी साबित करने के लिए एक गेम खेला जाता है। जिसमें पहले शराब पी जाती है। फिर शुरु होता है मर्दानगी के इस टेस्ट का सिलसिला। शराब पिलाने के बाद लड़के को बिजली का झटका लगाया जाता है। शुरुआत में तो ये झटके काफी कम होते हैं लेकिन बाद में बढ़ते बढ़ते ये झटका 120 वोल्ट तक पहुंच जाता है। इसके लिए लड़के के दोनों हाथ में लोहे का रॉड पकड़ाया जाता है। फिर इसमें बिजली प्रवाहित की जाती है। जो लड़के इस झटके को झेल जाते हैं आगे चलकर शादी के हकदार भी होते हैं। और लड़की उसे ही अपना पति चुनती है। लेकिन जो अपनी मर्दानगी साबित नहीं कर पाते हैं उन्हें मायूसी हाथ लगती है।

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One thought on “मर्दानगी साबित करने के लिए झेलना पड़ता है 120 वोल्ट का झटका

  • August 11, 2016 at 9:04 pm
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    Insightful, straight to the point, and funny. Also, true.

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