अगले 120 दिन पाकिस्तान के लिए हैं बहुत भारी, फिर बदल जाएगा पाकिस्तान का नाम!




नई दिल्ली: अमेरिकी संसद की आतंकवाद संबंधी उपसमिती के अध्यक्ष टेड पो ने निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में गुरुवार को पाकिस्तान को आतंकवाद प्रयोजक देश घोषित करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने निचले सदन में एक विधेयक पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररेजम ऐक्ट पेश किया है।

विधेयक पेश करते हुए कहा गया पाकिस्तान न सिर्फ एक गैर भरोसेमंद सहयोगी है बल्कि इस्लामाबाद ने सालों तक अमेरिका के दुश्मनों की सहायता की है। उन्होंने कहा ओसामा को आश्रय देने से लेकर हक्कानी नेटवर्क के साथ उसके नजदीकी रिश्तों तक इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान किसके साथ है।

अमेरिकी सांसद ने कहा यह सही वक्त है जब पाकिस्तान को उसकी धोखाधड़ी के लिए सहायता देना बंद करना चाहिए। और जो वह है उसे वो नाम (आतंकवाद प्रायोजक देश) देना चाहिए। इस विधेयक में राष्ट्रपति जॉनल्ड ट्रंप से 90 दिनों में एक रिपोर्ट जारी कर यह बताने को कहा गया है कि क्या पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने में सहयोग दिया है। इसके 30 दिन बाद विदेश मंत्री से इस संकल्प वाली फॉलो-अप दाखिल करने को कहा गया है। जिसमें यह स्पष्ट तौर पर कहा जाए पाकिस्तान आतंकवाद का प्रायोजक देश है।

विधेयक में साथ ही कहा गया है कि अगर पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजक देश नहीं ठहराया जा सकता है तो फिर ये साफ किया जाए कि ऐसा किस कानून के तहत किया गया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के बर्ताव को बदलने की सारी कोशिश नाकाम हो चुकी है। इसलिए अब वक्त आ चुका है जब अमेरिका खुद अपने दखल की सीमा निर्धारित करे।

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