केंद्रीय बिजली मंत्री की प्रेस कांफ्रेंस में बत्ती गुल की हैट्रिक

केंद्रीय बिजली मंत्री की प्रेस कांफ्रेंस में बत्ती गुल की हैट्रिक

केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल पिछले दो सालों के कामकाज का ब्यौरा लेकर प्रेस कांफ्रेंस करने पहुंचे थे। पीयूष गोयल ने दो सालों के कामकाज की जो फाइल तैयार की थी उसमें ये दर्ज किया गया था कि कितने गांवों तक बिजली पहुंची, कितने शहरों में बिजली कटौती की दर कम हुई है और केंद्र सरकार की योजना आगे क्या करने की है। लेकिन इतना सबकुछ बता पाते की केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के प्रेस कांफ्रेंस की बत्ती गुल हो गई। मंत्री जी उजाले से अंधेरे में पहुंच गए और टेलीविजन चैनल के कैमरे उनकी तस्वीर ढूंढते नजर आने लगे। बस उनकी आवाज सुनाई दे रही थी। जैसे मानो कह रहे हों… चेहरे को छोड़िये मेरी तो आवाज ही पहचान है।

ऐसा नहीं है कि एक ही बार उनकी प्रेस कांफ्रेंस में बिजली गुल हई। 1…2…3 बार केंद्रीय मंत्री की बत्ती गुल हुई। जब तीसरी बार बत्ती गुल हुई तो पूरे 124 सेकेंड के बाद वापस आई। पीयूष गोयल बता तो रहे थे की पिछले दो सालों में उन्होंने देश के किन किन इलाकों में उजाला फैलाया है लेकिन ये बताते बताते खुद अंधेरे में पहुंच गए। लेकिन अंधेरे में आने के बाद भी वो अपनी योजना बताते रहे। जब बत्ती पीयूष गोयल के साथ लुका छिपी का खेल खेल रही थी तब उन्होंने एक खास बात भी बताई। पीयूष गोयल ने कहा की उनकी पत्नी अकसर उनसे कहती हैं कि वो जब भी प्रेस कांफ्रेंस करते हैं तब एक बार जरुर बिजली कटती है। आगे उन्होंने कहा की ऐसा शायद इसीलिए होता है क्योंकि उन्हें याद रहे की अभी उन्हें काफी कुछ करना है।

हलांकी बढ़ती गर्मी ने ऊर्जा मंत्रालय की चुनौती बढ़ा दी है। आसमान से बरसती आग की वजह से बिजली की मांग बढ़ गई है। अगर केवल दिल्ली की ही बात करें तो एक दिन पहले ही दिल्ली में 6044 मेगावाट बिजली की मांग पहुंच गई थी। हलांकी गोयल ने कहा की बिजली की बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए हम तैयार हैं। और इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।

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