हाथ को मिलेगा हार्दिक का साथ या नहीं, अब सोनिया लेंगी फैसला

नई दिल्ली:  गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए हार्दिक पटेल बड़ी उम्मीद हैं। कांग्रेस चुनाव में पाटीदारों का समर्थन हासिल करना चाहती है। इसके लिए पार्टी को हार्दिक पटेल को साथ लाना होगा। क्योंकि हार्दिक पाटीदार आंदोलन के बड़े नेता हैं। लेकिन पेंच ये है कि हार्दिक ने समर्थन से पहले कांग्रेस से आरक्षण पर अपना रुख साफ करने के लिए कहा है। इसके लिए हार्दिक की तरफ से दी गई पहले की डेडलाइन भी एक दिन के लिए बढ़ा दी गई है। हार्दिक ने पहले 7 नवंबर तक कांग्रेस से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा था। लेकिन अब कांग्रेस को 8 नवंबर की डेडलाइन दी गई है।

हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को 8 नवंबर की डेडलाइन देते हुए कहा कि इसपर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अंतिम फैसला लेंगी। आरक्षण को लेकर कानूनी तौर पर चर्चा चल रही है। मशहूर वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल कानूनी दायरे को अच्छी तरह से जानते हैं। साथ ही उन्हें गुजरात की जमीनी हकीकत का भी अंदाजा है।

हार्दिक पटेल कांग्रेस की तरफ समर्थन का हाथ बढ़ाने से पहले ये पुख्ता कर लेना चाहते हैं कि किस तरह से कांग्रेस सांवैधानिक दायरे में रहकर पाटीदारों को आरक्षण देगी। इसी पर पार्टी से रूख स्पष्ट करने को कहा गया है। हार्दिक ने आगे कहा कि इसपर अंतिम फैसला होने तक कांग्रेस नेताओं को आरक्षण के मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर कुछ भी नहीं बोलने के निर्देश दिये गए हैं।

कांग्रेस की तरफ से कहा जा रहा है कि कपिल सिब्बल ने आरक्षण के कानूनी प्रावधानों पर एक रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास भेजी है। जिसमें दूसरे राज्यों में कानूनी हालात का भी जिक्र किया गया है। जिसपर सोनिया गांधी विचार कर रही हैं। यानि अब 8 नवंबर की तारीख काफी अहम हो चुकी है। क्योंकि इसी दिन ये भी साफ हो पाएगा कि पाटीदार कांग्रेस को समर्थन करेंगे या फिर वो खुद के लिए दूसरा विकल्प तलाश करेंगे।

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