JuD सरगना हाफिज सईद को आतंकी कहलाना पसंद नहीं, UN में दी अर्जी

नई दिल्ली:  मासूमों के हाथ में बंदूक पकड़वाने और हमेशा खून की होली खेलने वाले आतंकी हाफिज सईद को ये पसंद नहीं कि कोई उसे आतंकी कहे। इसलिए जमात उद दावा सरगना हाफिज सईद ने संयुक्त राष्ट्र संघ में अर्जी दी है। जिसमें अपील की गई है कि उसका नाम आतंकियों की लिस्ट से हटा दिया जाए। ये अर्जी लाहौर की एक कानूनी फर्म की तरफ से लगाई गई है। हाफिज हाल ही में पाकिस्तान में नजरबंदी से रिहा हुआ है।

हाफिज के समर्थन में लाहौर की मिर्जा एंड मिर्जा नाम की कानूनी फर्म की तरफ से दाखिल की गई है। हाफिज की तरफ से अर्जी दाखिल करनेवाले नावेद रसूल मिर्जा पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो में वकील रह चुके हैं। हाफिज को पंजाब सरकार ने आतंकवाद रोधी कानून 1997 के तहत 31 जनवरी को उसके चार सहयोगियों समेत 90 दिनों के लिए हिरासत में लिया था। पिछले हफ्ते इस मामले पर सुनवाई के दौरान प्रांतीय सरकार ने हाफिज की नजरबंदी तीन महीने बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन बोर्ड ने इसे खारिज कर दिया।

नजरबंदी खत्म होने के बाद जब हाफिज बाहर निकला तो उसने सबसे पहले भारत के खिलाफ जहर उगला। हाफिज के समर्थकों ने भारत विरोधी नारे लगाए। हाफिज ने भारत को धमकी देते हुए कहा कि ये साल खत्म होने में अभी कुछ ही दिन बचे हैं। लेकिन अगले साल कश्मीर के लिए और तेजी से लड़ाई लड़ी जाएगी। दरअसल आतंकी हाफिज जिसे जिहाद कहता है सभ्यता की भाषा में उसे ही आतंकवाद कहा जाता है। इसी आतंक का सरगना है हाफिज सईद। जिसे अब खुद को आतंकी कहे जाने पर शर्म महसूस होती है। इसलिए वकील ने उसके समर्थन में यूएन से मांग ही है कि हाफिज सईद का नाम आंतंकियों की लिस्ट से बाहर कर दिया जाए।

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