गुजरात में सरकार के भीतर नाराजगी, डिप्टी सीएम और सीएम के बीच अनबन!

गुजरात में सरकार के भीतर नाराजगी, डिप्टी सीएम और सीएम के बीच अनबन!

नई दिल्ली:  गुजरात में बीजेपी की नई सरकार को कामकाज संभाले तीन दिन ही हुए हैं लेकिन सरकार के भीतर उथल पुथल की खबर बाहर आने लगी। भली ही बीजेपी ने राज्य में छठी बार सरकार बनाई है लेकिन इसबार सरकार चलाना पहले के मुकाबले ज्यादा मुश्किल दिख रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि विरोधी तो बाहर से हमला करते हैं लेकिन इसबार रुपाणी सरकार के भीतर ही असंतोष उभरने लगे हैं।

खटपट की ये खबर सीएम और डिप्टी सीएम के बीच की है। जानकारी ये मिल रही है कि डिप्टी सीएम नितिन पटेल विभागों के बंटवारे को लेकर खुश नहीं हैं। उन्हें जो मंत्रालय दिये गए हैं वो उनकी इच्छा के विरूद्ध दिये गए हैं। जबकि जिस मंत्रालय को पाने की उनकी इच्छा थी वो पूरी नहीं हुई। बताया जा रहा है कि नितिन पटेल गृह, शहरी विकास मंत्रालय चाहते थे। लेकिन वो उन्हें नहीं मिला। राजस्व और वित्त विभाग भी उन्हें नहीं मिला। इन मंत्रालयों की जगह पटेल को सड़क एवं भवन, हेल्थ और फैमिली, नर्मदा, कल्पसार और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई।

इस बीच गुरुवार को रात के 10 बजे प्रेस कांफ्रेंस भी हुई। लेकिन उसमें डिप्टी सीएम कुछ नहीं बोले। प्रेस कांफ्रेंस में जिस तरह के हावभाव नितिन पटेल के थे उससे उनकी नाराजगी उनके चेहरे पर झलक रही थी। नाराजगी की सरहद केवल सीएम और डिप्टी सीएम तक ही नहीं खींची गई है। बल्कि ये इससे ज्यादा बड़ी है जिसमें विधायक भी शामिल हैं।

वडोदरा से विधायक और पूर्व मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने भी अपनी नाराजगी जताई है। राजेंद्र की नाराजगी इस बात को लेकर है कि नई सरकार में वडोदरा से एक भी विधायक को कैबिनट में जगह नहीं दी गई। बात केवल गुमसुम वाली नाराजगी तक सीमित नहीं है। नाराज विधायक ने 10 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ने की भी धमकी दे दी है।

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