shankar singh waghela

गुजरात में कांग्रेस को बड़ा झटका शंकर सिंह वाघेला ने पार्टी से दिया इस्तीफा

गुजरात में कांग्रेस को बड़ा झटका शंकर सिंह वाघेला ने पार्टी से दिया इस्तीफा

नई दिल्ली:  अपने 77वें जन्मदिन पर गुजरात कांग्रेस के बड़े नेता शंकर सिंह वाघेला ने खुद का अपनी पार्टी से अलग कर लिया। हलांकि पार्टी से वाघेला का मोहभंग एक या दो दिनों में नहीं हुआ है। पिछले कई महीनों से वाघेला पार्टी से नाराज चल रहे थे। और सार्वजनिक मंच पर अपनी नाराजगी को जाहिर भी करते रहे थे। पार्टी के सभी पदों से इस्तीफे का बात कहने से पहले वाघेला ने ये भी कह दिया कि कांग्रेस ने उन्हें 24 घंटे पहले ही सस्पेंड कर दिया था।

कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफे का एलान करने के साथ साथ वाघेला ने ये भी साफ कर दिया कि वो ना तो दूसरी पार्टी बनाएंगे और ना ही बीजेपी का दामन थामेंगे। हलांकि यहां पर इस बात का जिक्र भी होना चाहिए कि कांग्रेस से पहले वाघेला बीजेपी में ही थे। संघ से उनका पुराना नाता रहा है। और एक तरह से वाघेला पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के गुरु भी माने जाते हैं।

पार्टी से मोहभंग का एलान वाघेला ने गांधी नगर में किया। जहां उन्होंने अपने 77वें जन्मदिन पर कार्यक्रम का आयोजन किया था। पार्टी से अलग होने के साथ साथ वाघेला ने अपने ट्वीटर अकाउंट से कांग्रेसियों की भी विदाई कर दी। अब वो किसी भी कांग्रेस नेता को फॉलो नहीं कर रहे हैं। वाघेला ने इस मौके पर ये भी बताया कि किस तरह वो संघ से बीजेपी में आए और फिर केशुभाई से खटपट होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई और फिर उस पार्टी का कांग्रेस में विलय किया। और उसके बाद आज खुद को कांग्रेस से अलग कर लिया।

अपने जन्मदिन पर वाघेला ने सम-संवेदना समारंभ के नाम से कार्यक्रम आयोजित किया था। जिसमें कांग्रेस के सभी विघायकों को बुलाया गया था। मंच पर वाघेला के साथ साथ एनसीपी के विधायक भी मौजूद थे। वाघेला ने पार्टी उस वक्त छोड़ी जब इसी साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होना है। और अब माना जा रहा है कि वाघेला के समर्थन में कई और विधायक भी कांग्रेस से मुंह मोड़ सकते हैं।

हालांकि विधानसभा चुनाव से पहले ही इस बात का पता चल जाएगा कि वाघेला के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस को शुरुआती नुकसान कितना हुआ है। क्योंकि अगले महीने राज्य में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव है। जिसमे जीत के लिए कांग्रेस को 47 विधायकों का समर्थन चाहिए। मौजूदा वक्त में कांग्रेस के पास 57 विधायक हैं। लेकिन अगर वाघेला के समर्थन में कांग्रेसी विधायक पार्टी से अलग होते हैं तो फिर कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी।

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