हीरा कारोबारी की बेटी 13 साल की उम्र में मोह माया छोड़ बनी संन्यासिन

सूरत/गुजरात:  सूरत के हीरा कारोबारी की बेटी ने छोटी सी उम्र में सांसारिक मोह माया का त्याग कर संन्यासी बन गई है। वैश्वि ने केवल 13 साल की उम्र में ही सबकुछ छोड़ कर संन्यास ग्रहण कर लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वैश्वि ने खुशी-खुशी संन्यास लेने का फैसला किया है।

संन्यास लेने से पहले वैश्वि तीन साल तक अपने गुरु के साथ यात्रा पर गई थी। जिसने बाद उसने सांसारिक सुखों का त्याग कर एक नए रास्ते पर निकल पड़ी। वैश्वि की कई तस्वीर भी सामने आई है। जिसमें वो काफी सजी धजी हैं और उसने काले रंग का चश्मा भी लगा रखा है। कुछ बता रहे हैं ये वैश्वि के सांसारिक जीवन की आखिरी तस्वीर है।

वैश्वि सूरत के हीरा कारोबारी हितेश मेहता की सबसे छोटी बेटी है। वैश्वि के घरवालों का कहना है कि वो पढ़ाई में भी काफी अच्छी थी। लेकिन अचानक उसका मन सांसारिक मोह माया से हट गया और उसने संन्यास का फैसला लिया। वैश्वि के घरवालों के मुताबिक वो काफी नटखट भी थी। लेकिन अचानक उसने सबकुछ छोड़ने का फैसला कर लिया। उसके घरवाले भी उसके इस फैसले से काफी खुश हैं।

तीन साल पहले वैश्वि अपने गुरु के साथ यात्रा पर निकली थीं। और उसने तीन हजार किलोमीटर की यात्रा की थी। जिसके बाद उसने सांसारिक बंधनों को तोड़कर संन्यास के रास्ते पर जाने का फैसला किया।

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